होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का बड़ा ऐलान, कहा- शर्तें पूरी होने पर खुलेगा रास्ता

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का बड़ा ऐलान, कहा- शर्तें पूरी होने पर खुलेगा रास्ता

US-Iran Conflict: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान-अमेरिका के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि स्ट्रेट को फिर से खोलने का फैसला सिर्फ समुद्री रास्ता तय करने से नहीं होगा। इसके लिए अमेरिका को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ओमान के साथ चल रही बातचीत का मकसद कुछ और है। इसमें जहाजों की आवाजाही के लिए नए नेविगेशन रूट तय किए जा रहे हैं। यानी ओमान के साथ बातचीत को होर्मुज स्ट्रेट खोलने से सीधे नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया है, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही गई थी। ईरानी अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर वह किसी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

ओमान के साथ बातचीत का असली मकसद क्या है?

अराघची ने बताया कि ओमान के साथ बातचीत पूरी तरह तकनीकी मुद्दे पर है। इसका संबंध जहाजों के आने-जाने के लिए नए समुद्री रास्ते तय करने से है। ईरान के अनुसार, पहले इस्तेमाल होने वाले ट्रांजिट रूट अब काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में फिलहाल एक अस्थायी नेविगेशन रूट तैयार किया जा रहा है। बाद में इसे स्थायी समुद्री रास्ते में बदला जा सकता है। लेकिन उन्होंने एक बात बेहद साफ कही। नया समुद्री रास्ता तय होने का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोल दिया जाएगा।

ईरान ने ट्रंप को दिया कड़ा जवाब

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान धमकियों से डरने वाला नहीं है। ताकत के प्रदर्शन के आगे भी ईरान झुकने वाला नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट ईरानी था, ईरानी है और ईरानी रहेगा।

वहीं ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने भी ट्रंप को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को होर्मुज स्ट्रेट को लेकर लगातार बयानबाजी करने के बजाय अपनी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही होती है। इसलिए यहां तनाव बढ़ने का असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। ईरान का कहना है कि स्ट्रेट खोलने का फैसला अलग शर्तों पर निर्भर करेगा। अमेरिका को पहले अपनी कुछ जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।

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