डीडवाना में राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े के रविवार को प्रस्तावित दौरे से पहले पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। इसी बीच, छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने पुलिस पर उन्हें नजरबंद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। शुभम रेवाड़ के अनुसार शनिवार देर रात पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उन्हें अपने साथ थाने चलने के लिए कहा। उन्होंने थाने जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद शुभम का आरोप है कि पुलिस उनके घर के बाहर ही डेरा डालकर बैठ गई। घर के बाहर जाने से रोकने का आरोप
छात्र नेता ने बताया कि कई पुलिसकर्मी रात से ही घर के बाहर मौजूद हैं और उन्हें तथा परिवार के सदस्यों को बाहर जाने से रोका जा रहा है। साथ ही, किसी अन्य व्यक्ति को घर में आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। शुभम रेवाड़ का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से राज्यपाल को अपनी मांगों का ज्ञापन देना चाहते थे। इसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। उनका आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उन्हें घर में ही नजरबंद करने का प्रयास किया। आवाज को दबाने के लिए पुलिस के इस्तेमाल का आरोप
शुभम ने यह भी कहा कि उन्होंने पिछले दिनों जयपुर में राजस्थानी भाषा को मान्यता देने और राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर कई दिनों तक अनशन किया था। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई और अब उनकी आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। डीएसपी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, पुलिस उप अधीक्षक जेठू सिंह ने शुभम रेवाड़ को नजरबंद करने के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के दौरे को लेकर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से सतर्क है और अलग-अलग क्षेत्रों में गश्त की जा रही है। डीएसपी के अनुसार, पुलिस को राज्यपाल के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन से जुड़े कुछ इनपुट मिले थे। इसी के मद्देनजर पुलिस ने शुभम रेवाड़ से रात में समझाइश की थी। पुलिस का कहना है कि इसे नजरबंदी कहना सही नहीं है। राज्यपाल के डीडवाना दौरे से पहले सामने आए इस घटनाक्रम को लेकर छात्र नेता और पुलिस प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


