गुरुग्राम में सोहना सबडिविजन वन विभाग की टीम ने अरावली की पहाड़ियों और दमदमा झील के आसपास अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। रोज का गुर्जर और गांव अभयपुर के समीप स्थित 16 से अधिक फार्म हाउस मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन फार्म हाउसों का निर्माण पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (पीएलपीए), 1900 की धारा 4 और 5 का उल्लंघन करते हुए किया गया है। इन फार्म हाउसों के बाहर नोटिस चस्पा किया गया है। दरअसल यह पूरा इलाका अरावली की तलहटी में स्थित एक पर्यावरणीय रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां बिना अनुमति भूमि का स्वरूप बदला गया, तारबंदी की गई, झोपड़ियां और अन्य निर्माण किए गए। इसके अलावा, कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई कर प्राकृतिक वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया गया है। नियमों की अनदेखी कर बनाए जा रहे फार्म हाउस वन विभाग के अधिकारी खजान सिंह के मुताबिक पीएलपीए की धारा 4 और 5 लागू होने के बाद भूमि के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई फार्म हाउस संचालकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य किए। नोटिस जारी कर मांगा जवाब विभाग ने 16 फार्म हाउस मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभाग द्वारा जांच अभी जारी है। जिन अन्य फार्म हाउसों में भी नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलेंगे, उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ी
दरअसल दमदमा झील और अरावली की तलहटी पिछले कुछ वर्षों से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ है। यहां डेस्टिनेशन वेडिंग भी प्लान की जा रही है। जिसके कारण यहां नियमों को ताक पर रखकर बड़े फार्म हाउसों का निर्माण किया जा रहा है। अरावली का संतुलन प्रभावित होगा पर्यावरणविदों का कहना है कि अनियंत्रित निर्माण, पेड़ों की कटाई और भूमि के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव से अरावली का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, भूजल संरक्षण और दमदमा झील के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा वन विभाग के अधिकारी खजान सिंह ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


