सीवान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह ऐतिहासिक गांधी मैदान सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण हुआ। इसके बाद राजेंद्र स्टेडियम में प्रशासन और न्यायपालिका के बीच फैंसी क्रिकेट मैच आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में डीएम विवेक रंजन मैत्रेय, एसपी पूरन कुमार झा समेत जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।लेकिन शाम को शहर के टाउन हॉल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रशासन की तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आई। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में दर्जनभर से अधिक स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति, संस्कृति और कला से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए। टाउन हॉल में बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने टाउन हॉल में मौजूद दर्शकों को बांधे रखा। स्थिति यह थी कि हॉल में कुर्सियां कम पड़ गईं और बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर कार्यक्रम देखने को मजबूर रहे। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद दर्शक अपनी जगह से हटे तक नहीं। लेकिन जिस कार्यक्रम के लिए बच्चों ने लंबे समय तक तैयारी की और अभिभावकों व शिक्षकों ने मेहनत की, उसी कार्यक्रम में जिले के प्रमुख अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम के दौरान की तस्वीरें…. सांस्कृतिक कार्यक्रम में DM-SP नहीं हुए मौजूद दिनभर के अन्य कार्यक्रमों में डीएम और एसपी समेत वरीय अधिकारियों की मौजूदगी रही, लेकिन शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम में न डीएम नजर आए, न एसपी, न एसडीओ और न ही एसडीपीओ। कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से महज उप विकास आयुक्त अमिताभ सिंह मौजूद रहे। उन्होंने ही कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बच्चों को पुरस्कृत किया। जूरी द्वारा प्रस्तुतियों के आधार पर टॉप-5 स्कूलों का चयन किया गया। पांचवें स्थान पर डीएवी पब्लिक स्कूल रहा, जबकि पहला स्थान प्रीटीन पब्लिक स्कूल ने हासिल किया। सभी पांच विजेता स्कूलों को डीडीसी ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया। पुरस्कार मिलने के बाद बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डीडीसी ने बयान देने से किया मना हालांकि कार्यक्रम को लेकर डीडीसी अमिताभ सिंह से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने यह कहते हुए मीडिया में बयान देने से इनकार कर दिया कि उन्हें बयान देने का अधिकार नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि जिला प्रशासन के कार्यक्रम में मौजूद डीडीसी भी मीडिया से बात करने से बचेंगे, तो प्रशासन की ओर से कार्यक्रम और उससे जुड़े सवालों का जवाब आखिर कौन देगा? सबसे बड़ा बात यह भी है कि स्वतंत्रता दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों की मेहनत और प्रतिभा का सम्मान करने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी क्यों नहीं रही। दिनभर अधिकारियों की सक्रियता के बाद शाम के कार्यक्रम से उनकी दूरी ने प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीवान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह ऐतिहासिक गांधी मैदान सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण हुआ। इसके बाद राजेंद्र स्टेडियम में प्रशासन और न्यायपालिका के बीच फैंसी क्रिकेट मैच आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में डीएम विवेक रंजन मैत्रेय, एसपी पूरन कुमार झा समेत जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।लेकिन शाम को शहर के टाउन हॉल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रशासन की तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आई। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में दर्जनभर से अधिक स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति, संस्कृति और कला से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए। टाउन हॉल में बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने टाउन हॉल में मौजूद दर्शकों को बांधे रखा। स्थिति यह थी कि हॉल में कुर्सियां कम पड़ गईं और बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर कार्यक्रम देखने को मजबूर रहे। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद दर्शक अपनी जगह से हटे तक नहीं। लेकिन जिस कार्यक्रम के लिए बच्चों ने लंबे समय तक तैयारी की और अभिभावकों व शिक्षकों ने मेहनत की, उसी कार्यक्रम में जिले के प्रमुख अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम के दौरान की तस्वीरें…. सांस्कृतिक कार्यक्रम में DM-SP नहीं हुए मौजूद दिनभर के अन्य कार्यक्रमों में डीएम और एसपी समेत वरीय अधिकारियों की मौजूदगी रही, लेकिन शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम में न डीएम नजर आए, न एसपी, न एसडीओ और न ही एसडीपीओ। कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से महज उप विकास आयुक्त अमिताभ सिंह मौजूद रहे। उन्होंने ही कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बच्चों को पुरस्कृत किया। जूरी द्वारा प्रस्तुतियों के आधार पर टॉप-5 स्कूलों का चयन किया गया। पांचवें स्थान पर डीएवी पब्लिक स्कूल रहा, जबकि पहला स्थान प्रीटीन पब्लिक स्कूल ने हासिल किया। सभी पांच विजेता स्कूलों को डीडीसी ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया। पुरस्कार मिलने के बाद बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डीडीसी ने बयान देने से किया मना हालांकि कार्यक्रम को लेकर डीडीसी अमिताभ सिंह से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने यह कहते हुए मीडिया में बयान देने से इनकार कर दिया कि उन्हें बयान देने का अधिकार नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि जिला प्रशासन के कार्यक्रम में मौजूद डीडीसी भी मीडिया से बात करने से बचेंगे, तो प्रशासन की ओर से कार्यक्रम और उससे जुड़े सवालों का जवाब आखिर कौन देगा? सबसे बड़ा बात यह भी है कि स्वतंत्रता दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों की मेहनत और प्रतिभा का सम्मान करने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी क्यों नहीं रही। दिनभर अधिकारियों की सक्रियता के बाद शाम के कार्यक्रम से उनकी दूरी ने प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


