चित्तौड़गढ़ में करीब 8 महीने पुराने माल की सप्लाई से जुड़े मामले में कोतवाली थाने में केस दर्ज हुआ है। निकुंभ स्थित श्री वर्धमान मिनरल्स से करीब 1.25 लाख रुपए कीमत का चाइना क्ले गुजरात की AIRONA TILES LTD के लिए भेजा गया था, लेकिन आरोप है कि माल वहां नहीं पहुंचा और फर्जी डाक्यूमेंट्स तैयार कर दूसरी कंपनी में उतार दिया गया। पुलिस में शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर परिवादी ने सीजेएम कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मन काग एंड मूवर्स के संचालक मनोज अग्रवाल, महावीर सेरेमिक्स हाउस और डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 6 दिसंबर को रवाना हुआ था डंपर परिवादी पीयूष जैन ने रिपोर्ट में बताया कि वह श्रीवर्धमान मिनरल्स का कार्यालय और माइनिंग का काम देखते हैं। 6 दिसंबर 2025 की शाम को निकुंभ से चाइना क्ले से भरा डंपर गुजरात की AIRONA TILES LTD के लिए रवाना किया गया था। माल को 7 दिसंबर तक कंपनी पहुंचना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। 31 मार्च को हिसाब मिलाने पर पता चला कई महीने बाद 31 मार्च 2026 को वित्तीय साल का हिसाब मिलाया गया। इस दौरान AIRONA TILES LTD ने बताया कि उनके यहां ऐसी कोई गाड़ी पहुंची ही नहीं और न ही कोई माल उतारा गया। इसके बाद मामले की जांच की गई। आरोप है कि चाइना क्ले गुजरात की ही बजाज स्टर्लिंग सेरेमिक्स (बजाज टाइल्स) में उतार दिया गया। महावीर सेरेमिक्स हाउस के फर्जी बिल का आरोप बजाज स्टर्लिंग सेरेमिक्स में पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि महावीर सेरेमिक्स हाउस की ओर से फर्जी बिल के जरिए यह माल भेजा गया था। परिवादी का आरोप है कि ट्रांसपोर्टर, डंपर चालक और महावीर सेरेमिक्स हाउस ने मिलकर साजिश रची। आरोप है कि माल को गलत जगह बेचकर श्रीवर्धमान मिनरल्स को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप पीयूष जैन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले मन काग एंड मूवर्स के संचालक मनोज अग्रवाल से बात की थी। आरोप है कि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिवादी का आरोप है कि शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद 8 अप्रैल और फिर 24 जुलाई को जिला पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और कोतवाली थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी गई। हालांकि, एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने सिर्फ पाबंद किया, फिर कोर्ट पहुंचे परिवादी के अनुसार पुलिस ने सिर्फ मनोज अग्रवाल को पाबंद करने की कार्रवाई की। इसके बाद पीयूष जैन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट ने शिकायत, शपथ पत्र और डाक्यूमेंट्स का अवलोकन किया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अपराध बनना माना और कोतवाली थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। तीन पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली थाने में मन काग एंड मूवर्स के संचालक मनोज अग्रवाल, महावीर सेरेमिक्स हाउस और डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।


