बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 21 अगस्त को पहली बार भारत दौरे पर आ सकते हैं। यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले दोनों देशों के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का है। ढाका से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश चाहता है कि भारत में रह रहीं शेख हसीना को राजनीतिक गतिविधियां चलाने या बांग्लादेश की राजनीति को प्रभावित करने वाले बयान देने की अनुमति न दी जाए। हसीना के बयानों से बांग्लादेश सरकार नाराज शेख हसीना अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश का आरोप है कि वह भारत से लगातार राजनीतिक बयान दे रही हैं। ढाका का कहना है कि इससे देश की आंतरिक राजनीति प्रभावित हो रही है और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है। बांग्लादेशी अधिकारियों के मुताबिक, भारत की ओर से इस मुद्दे पर कुछ अच्छे संकेत मिले हैं। लेकिन ढाका चाहता है कि भारत का रुख और स्पष्ट हो, ताकि तारिक रहमान की यात्रा से पहले इस मुद्दे को लेकर कोई गलतफहमी न रहे। 5 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बढ़ा तनाव दरअसल इसी महीने 5 तारीख को शेख हसीना ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और बांग्लादेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। इस पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। ढाका का कहना था कि भारत में रहते हुए हसीना का सार्वजनिक रूप से राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस की इजाजत पर फिर बढ़ा तनाव बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार इस घटनाक्रम से ‘नाराज और निराश’ है। मंत्रालय ने आपत्ति जताई कि मानवता के खिलाफ अपराध के एक मामले में मौत की सजा पा चुकी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति दी गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने पहले ही भारत को आगाह किया था कि इस तरह के घटनाएं दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गौरतलब है कि भारत ने शेख हसीना का प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार कर दिया था। भारत ने कहा था कि उनका कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। BNP के साथ NCP भी यात्रा के खिलाफ तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक विरोध भी हो रहा है। सत्तारूढ़ BNP के नेताओं ने भारत में शेख हसीना की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, 2024 में आंदोलन से पैदा हुई नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने भी तारिक रहमान की भारत यात्रा का विरोध किया है। NCP नेता ने कहा कि जब तक शेख हसीना के प्रत्यर्पण और भारत-बांग्लादेश के रिश्तों के नए ढांचे पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक तारिक रहमान को भारत नहीं जाना चाहिए। नाहिद ने यह भी आरोप लगाया कि नई दिल्ली में हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत सरकार के सीधे या परोक्ष समर्थन से हुई। उनके मुताबिक, दिल्ली से हसीना के दिए गए बयान को सिर्फ उनकी निजी राय नहीं माना जा सकता। इससे भारत के रुख का भी संकेत मिलता है। विरोध के बावजूद यात्रा की तैयारियां जारी राजनीतिक विरोध के बावजूद दोनों देशों के बीच तारिक रहमान की यात्रा की तैयारियां चल रही हैं। भारतीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह अगले हफ्ते के बीच में दो दिन के दौरे पर नई दिल्ली आ सकते हैं। यात्रा की तारीख 21 या 22 अगस्त बताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कार्यक्रम में एक-दो दिन का बदलाव हो सकता है। भारत ने बिम्सटेक का मौजूदा अध्यक्ष होने के नाते तारिक रहमान को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि, वह इस सम्मेलन में जाएंगे या नहीं, इसका अभी फैसला नहीं हुआ है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:2 साल बाद वर्चुअल भाषण दिया, कैमरा ऑफ था; बांग्लादेश सरकार बोली- दिल्ली में बैठकर जहर उगला बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार को लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। पूरी खबर पढ़ें…
PM रहमान की भारत यात्रा से पहले बांग्लादेश की शर्त:शेख हसीना को राजनीति से दूर रखा जाएगा, 21 अगस्त को दिल्ली आ सकते हैं


