रायबरेली जिले के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने और सड़क जाम करने के आरोप में तीन नामजद समेत 27 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना दो दिन पूर्व एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद हुए हंगामे से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, ग्राम बीकरगढ़ में मृतक राजू यादव पुत्र माताबदल का शव मिलने के बाद जब कोतवाली पुलिस टीम पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की वैधानिक कार्यवाही के लिए मौके पर पहुंची, तो परिजनों और स्थानीय लोगों ने सहयोग करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि सुनील यादव उर्फ पप्पू यादव, राममूर्ति यादव उर्फ सदाशिव यादव, कल्लू यादव सहित लगभग 15 पुरुषों और 12 महिलाओं की भीड़ ने पुलिस बल के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की। आरोपियों के नाम हटवाने की कोशिश उपद्रवियों ने ऊंचाहार-सलोन मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक बाधित रखा, जिससे एम्बुलेंस सेवाओं और आम यात्रियों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस का कहना है कि इस दौरान भीड़ को भड़काकर पुलिस पर दबाव बनाने और अन्य मामले के नामजद आरोपियों के नाम हटवाने की कोशिश की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार को शासकीय कार्य में बाधा डालने, लोक शांति भंग करने और सड़क जाम करने के आरोप में सुनील यादव उर्फ पप्पू यादव, राममूर्ति यादव, कल्लू यादव तथा 27 अन्य (15 पुरुष व 12 महिला) अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर पर कड़ी प्रतिक्रिया पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। वहीं, शनिवार को मृतक राजू यादव के परिजनों, उनकी भाभी ऊषा देवी और बहन निशा देवी ने इस एफआईआर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गलत तरीके से मामला दर्ज किया है और उनके परिवार या समर्थकों द्वारा न तो कोई उपद्रव किया गया और न ही मार्ग जाम किया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।


