गयाजी- महाबोधी मंदिर के मेन गेट पर मारपीट:बीएमपी और बिहार पुलिस के जवान आपस में भिड़े, लात-घूंसे चले; बाइक हटाने को लेकर विवाद

गयाजी- महाबोधी मंदिर के मेन गेट पर मारपीट:बीएमपी और बिहार पुलिस के जवान आपस में भिड़े, लात-घूंसे चले; बाइक हटाने को लेकर विवाद

विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में शुक्रवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। यहां सुरक्षा में तैनात बीएमपी और बिहार पुलिस के जवान के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। श्रद्धालुओं के सामने ही बेल्ट, लात और घूंसे चलने लगे। मंदिर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस घटना को देखकर थोड़ा सहम सा गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर जवानों को अलग किया। सूचना मिलने के बाद बोधगया थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाइक हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी जानकारी के अनुसार महाबोधि मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के झंडोत्तोलन की तैयारी चल रही थी। प्रवेश क्षेत्र में साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान वहां बीएमपी के दो जवानों की बाइक खड़ी थी। बिहार पुलिस के जवान ने बाइक हटाने को कहा। इसी बात को लेकर बीएमपी जवानों से उसकी कहासुनी हो गई। पहले मामला सिर्फ बहस तक था। लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। बीएमपी जवान और बिहार पुलिस का जवान एक-दूसरे से मल्ल युद्ध करने लगे। इस दौरान बेल्ट से भी मारपीट की गई। लात और घूंसे भी चले। सूत्रों का कहना है कि जिस जगह जवानों के बीच मारपीट हुई। वहां मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। घटना के समय भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अचानक वर्दी में जवानों को आपस में मारपीट करते देख श्रद्धालु पीछे हटने लगे। यही नहीं कुछ लोग वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। कुछ देर तक मंदिर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। दो दिन पहले भी बाइक हटाने को कहा गया था सुरक्षा प्रभारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि महाबोधि मंदिर की सुरक्षा में तैनात बीएमपी जवान को दो दिन पहले ही बाइक हटाने के लिए कहा गया था। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के झंडोत्तोलन स्थल की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान दोबारा बाइक हटाने को लेकर विवाद हो गया। इसी बात को लेकर जवानों के बीच बहस हुई। बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों को समझाया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। बीएमपी-3 के डीएसपी अमित रंजन ने घटना को मामूली विवाद बताया। उन्होंने कहा कि छोटी-सी बात को लेकर जवानों के बीच विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। हालांकि, महाबोधि मंदिर की सुरक्षा में बीएमपी और बिहार पुलिस के जवान तैनात रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा में लगे जवानों का ही आपस में भिड़ना व्यवस्था के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। सुरक्षा-व्यवस्था पर उठे सवालमहाबोधि मंदिर केवल बोधगया ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के प्रमुख बौद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, म्यांमार, वियतनाम सहित कई देशों से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे स्थान पर मंदिर औप आम जनता की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों का श्रद्धालुओं के सामने आपस में भिड़ना गंभीर संदेश देता है। लोगों का कहना है कि मामूली विवाद को मौके पर ही बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन बात मारपीट तक पहुंच गई। विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में शुक्रवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। यहां सुरक्षा में तैनात बीएमपी और बिहार पुलिस के जवान के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। श्रद्धालुओं के सामने ही बेल्ट, लात और घूंसे चलने लगे। मंदिर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस घटना को देखकर थोड़ा सहम सा गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर जवानों को अलग किया। सूचना मिलने के बाद बोधगया थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाइक हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी जानकारी के अनुसार महाबोधि मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के झंडोत्तोलन की तैयारी चल रही थी। प्रवेश क्षेत्र में साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान वहां बीएमपी के दो जवानों की बाइक खड़ी थी। बिहार पुलिस के जवान ने बाइक हटाने को कहा। इसी बात को लेकर बीएमपी जवानों से उसकी कहासुनी हो गई। पहले मामला सिर्फ बहस तक था। लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। बीएमपी जवान और बिहार पुलिस का जवान एक-दूसरे से मल्ल युद्ध करने लगे। इस दौरान बेल्ट से भी मारपीट की गई। लात और घूंसे भी चले। सूत्रों का कहना है कि जिस जगह जवानों के बीच मारपीट हुई। वहां मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। घटना के समय भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अचानक वर्दी में जवानों को आपस में मारपीट करते देख श्रद्धालु पीछे हटने लगे। यही नहीं कुछ लोग वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। कुछ देर तक मंदिर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। दो दिन पहले भी बाइक हटाने को कहा गया था सुरक्षा प्रभारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि महाबोधि मंदिर की सुरक्षा में तैनात बीएमपी जवान को दो दिन पहले ही बाइक हटाने के लिए कहा गया था। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के झंडोत्तोलन स्थल की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान दोबारा बाइक हटाने को लेकर विवाद हो गया। इसी बात को लेकर जवानों के बीच बहस हुई। बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों को समझाया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। बीएमपी-3 के डीएसपी अमित रंजन ने घटना को मामूली विवाद बताया। उन्होंने कहा कि छोटी-सी बात को लेकर जवानों के बीच विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। हालांकि, महाबोधि मंदिर की सुरक्षा में बीएमपी और बिहार पुलिस के जवान तैनात रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा में लगे जवानों का ही आपस में भिड़ना व्यवस्था के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। सुरक्षा-व्यवस्था पर उठे सवालमहाबोधि मंदिर केवल बोधगया ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के प्रमुख बौद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, म्यांमार, वियतनाम सहित कई देशों से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे स्थान पर मंदिर औप आम जनता की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों का श्रद्धालुओं के सामने आपस में भिड़ना गंभीर संदेश देता है। लोगों का कहना है कि मामूली विवाद को मौके पर ही बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन बात मारपीट तक पहुंच गई।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *