भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर रणधीर जायसवाल का बयान – ‘और मज़बूत करने की उम्मीद’

भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर रणधीर जायसवाल का बयान – ‘और मज़बूत करने की उम्मीद’

भारत (India) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच पिछले कुछ साल में संबंधों में मज़बूती आई है। भारत ने जहाँ कई प्राकृतिक आपदाओं के समय अफगानिस्तान की मदद की है और ज़रूरत का सामान मुहैया कराया, तो वहीँ पाकिस्तान के मुद्दे पर अफगानिस्तान ने भी भारत का समर्थन किया है। 15 अगस्त यानी भारत के स्वतंत्रता दिवस पर तालिबान को अफगानिस्तान में फिर से सत्ता में लौटे हुए 5 साल पूरे हो जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें भारत-अफगानिस्तान के संबंध भी शामिल हैं।

संबंधों को और मज़बूत करने की उम्मीद

जायसवाल ने कहा, “आपने देखा होगा कि पिछले कुछ महीनों और एक साल से ज़्यादा समय में अफग़ानिस्तान के साथ हमारी कई बार बातचीत हुई है। अफग़ानिस्तान से भारत में कई मंत्री-स्तरीय दौरे हुए हैं और इनसे विकास में सहयोग और व्यापार कनेक्टिविटी जैसे कई क्षेत्रों में हमारी पार्टनरशिप मज़बूत हुई है। अफग़ानिस्तान और वहाँ के लोगों के साथ हमारे पुराने संबंध हैं और हम इन संबंधों को और मज़बूत करने की उम्मीद करते हैं।”

सिंधु जल समझौते पर कह दी बड़ी बात

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर भी बड़ी बात कह दी। जायसवाल ने साफ स्पष्ट शब्दों में कहा, “सिंधु जल समझौते पर हमारा रुख सर्वविदित है। इसमें कोई बदलाव नहीं आया है।” जायसवाल ने यह बयान पाकिस्तान (Pakistan) के पीएम शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) के “पानी हमारी रेड लाइन है” वाले बयान और चेतावनी के जवाब में दिया। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को रद्द कर दिया था। इस वजह से पाकिस्तान को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है और कई प्रांतों में पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उसने कई बार इस जल संधि को फिर से बहाल करने की गुहार लगाने के साथ ही चेतावनी भी दी है। हालांकि भारत का रुख साफ है कि जब तक पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता, सिंधु जल समझौता बहाल नहीं होगा।

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