सबा प्रकरण में पुलिस कार्रवाई को चैलेंज करने की तैयारी:हाईकोर्ट में देहलीगेट पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ परिवार डालेगा याचिका, फेक साक्ष्य का आरोप

सबा प्रकरण में पुलिस कार्रवाई को चैलेंज करने की तैयारी:हाईकोर्ट में देहलीगेट पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ परिवार डालेगा याचिका, फेक साक्ष्य का आरोप

सबा फरहत प्रकरण में देहलीगेट पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सबा फरहत पक्ष इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चैलेंज करने की तैयारी कर रहा है। जल्द याचिका दायर कर एफआईआर रद्द किए जाने की अपील होगी और उसके बाद डिस्चार्ज की एप्लीकेशन लगाई जाएगी। सबा फरहत के एडवोकेट वीके शर्मा का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में मनगढ़ंत सबूत तैयार किए और एक महिला को पांच माह से ज्यादा जेल की सलाखों के पीछे रहने को मजबूर कर दिया। सबा फरहत के एडवोकेट वीके शर्मा का कहना है कि 5 अगस्त को सबा फरहत को हाईकोर्ट से जमानत मिली है। कोर्ट के आदेश में साफ लिखा है कि इस मामले में सबा फरहत के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई मामला नहीं बनता। वीके शर्मा कहते हैं कि वह पहले ही दिन इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं। निचली अदालतों को भी साक्ष्य उपलब्ध कराए गए कि सबा फरहत के द्वारा कोई गैरकानूनी काम नहीं किया गया लेकिन उसके बाद भी सबा फरहत को ना केवल जेल भेजा गया बल्कि पांच माह से ज्यादा सलाखों के पीछे रहने के लिए मजबूर किया गया। सबा के परिवार को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, जिसकी खिलाफ वह अपील दायर करने जा रहे हैं। पुलिस पर झूठे सुबूत बनाने का आरोप
एडवोकेट वीके शर्मा का कहना है कि सबा फरहत के परिवार का प्रोपर्टी विवाद चल रहा है। उसी विवाद में पूरे परिवार को परेशान करने व दबाव बनाने की नीयत से यह षड्यंत्र रचा गया। साफ हो चुका है कि पुलिस ने झूठे और मनगढ़ंत सुबूत तैयार किए, जिन्हें कोर्ट ने भी खारिज कर दिया। एफआईआर/चार्जशीट कराएंगे रद्द
वीके शर्मा बताते हैं कि हाईकोर्ट में चार्जशीट या एफआईआर को रद्द (Quashing) कराने के लिए वह याचिका दायर करेंगे। इसके लिए नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, BNSS की धारा 528 या संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत आपराधिक याचिका दायर की जाती है। वह उन सभी साक्ष्यों को कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे, जो निचली अदालतों में रखे गए थे और सबा फरहत की बेगुनाही को दर्शा रहे थे। अब जानते हैं क्या है पूरा मामला
यह मामला 14 फरवरी, 2026 को मेरठ के देहलीगेट थाना क्षेत्र की कोठी अतानस निवासी रुकसाना खान पत्नी अयाज अहमद की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उनके द्वारा आरोप लगाया गया था कि पाकिस्तानी मूल की सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया और उनकी पुत्री ऐमन फरहत फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट के आधार पर स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाकर अवैध रूप से मेरठ में रह रही हैं। शिकायत के अनुसार, देहलीगेट की नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तान जाकर सबा फरहत से विवाह किया था। विवाह के बाद उनके तीन बच्चे हुए। आरोप था कि वर्ष 1993 में पाकिस्तान में जन्मी बेटी ऐमन फरहत अपनी मां के पासपोर्ट के आधार पर भारत आई और मेरठ के सोफिया स्कूल में पढ़ाई की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ऐमन ने भारतीय नागरिकता प्राप्त नहीं की, बावजूद इसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया गया। यह भी आरोप लगाए गए सबा पर
सबा फरहत पर दो अलग-अलग नामों से वोटर आईडी बनवाने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पाकिस्तान सहित अन्य देशों की यात्रा करने के भी आरोप लगाए गए थे। शिकायत में यह भी दावा किया गया था कि सबा के पिता हनीफ अहमद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े रहे हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने सबा फरहत को पूछताछ के लिए बुलाकर गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद निचली अदालत में जमानत याचिका डाली गई। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सबा पक्ष ने कहा था कि उन्होंने कभी वोटर आईडी के लिए आवेदन नहीं किया और न ही कभी विदेश यात्राएं की हैं। अब क्रमवार समझिए केस की पूरी कार्रवाई को – 16 फरवरी, 2026 को सबा फरहत को देहली गेट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।
– 17 फरवरी को पुलिस ने सबा फरहत को कोर्ट में पेश किया, जहां से न्याय हिरासत में जेल भेज दिया गया।
– 18 फरवरी को सब फरहत की लोअर कोर्ट से जमानत याचिका खारिज हुई।
– 19 फरवरी को सबा फरहत की याचिका जिला जज की कोर्ट में डाली गई।
– 19 फरवरी को जिला जज ने याचिका को ADJ 13 की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।
– 19 मार्च को ही सबा के पति फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका भी ADJ 13 के यहां डाली गई।
– 12 मार्च को ADJ 13 ने सबा फरहत की जमानत और उनके पति फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
– 18 मार्च को सबा फरहत की याचिका नए ग्राउंड के साथ सेशन में डाली गई लेकिन खारिज हो गई।
– 30 मार्च को सबा के पति फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका को भी ADJ 13 ने खारिज कर दिया।
– इसके बाद सबा फरहत की जमानत और फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई।
– 27 अप्रैल को सबा के पति फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया गया।
– 5 अगस्त को हाईकोर्ट ने सबा फरहत के खिलाफ कोई सुबूत ना पाते हुए जमानत दे दी।

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