मेरठ में दो साल की बेटी को गंगनहर में फेंककर हत्या करने के मामले में अदालत ने उसके पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद आया। यह घटना 15 जून 2024 को सरधना थाना क्षेत्र के गांव कमरूद्दीननगर मढ़ियाई में हुई थी। पुलिस के अनुसार, सुलेमान पुत्र इब्राहीम पर अपनी दो वर्षीय बेटी इकरा को गंगनहर के तेज बहाव में फेंकने का आरोप था। इस संबंध में सब इंस्पेक्टर राहुल कुमार सिंह ने सरधना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सुलेमान को आरोपी बनाया और विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा अन्य साक्ष्य जुटाए। विवेचना पूरी होने के बाद, पुलिस ने 29 जून 2024 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले को जनपद स्तर पर जघन्य अपराध की श्रेणी में चिन्हित किया गया था। एसएसपी के निर्देश और नोडल अधिकारी मॉनिटरिंग सेल के पर्यवेक्षण में, मॉनिटरिंग सेल, सरधना पुलिस के पैरोकार और अभियोजन अधिकारियों ने अदालत में लगातार प्रभावी पैरवी की। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और पुलिस की पैरवी के आधार पर, एडीजे/एसी-1 मेरठ की अदालत ने सुलेमान को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस प्रभावी पैरवी में मॉनिटरिंग सेल मेरठ, अभियोजन अधिकारी, सरधना थाने के हेड कांस्टेबल इमरान खान और कांस्टेबल वीरपाल शामिल रहे।


