राजस्थान की HPCL रिफाइनरी में फिर लगी आग:CDU में ऑयल लीकेज के बाद उठी चिंगारी; फायर ब्रिगेड ने 15 मिनट में पाया काबू

राजस्थान की HPCL रिफाइनरी में फिर लगी आग:CDU में ऑयल लीकेज के बाद उठी चिंगारी; फायर ब्रिगेड ने 15 मिनट में पाया काबू

राजस्थान के बालोतरा में देश की सबसे हाईटेक हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में एक बार फिर आग लग गई। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में ऑयल रिसाव हो रहा था, जहां चिंगारी के बाद आग लग गई। हालांकि आग लगते ही रिफाइनरी का फायर सिस्टम एक्टिव हो गया और सायरन भी बजने लगे। धुआं उठने पर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर फायर बिग्रेड की गाड़ियां पहुंची और करीब 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग से बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आग लगने की घटना से इनकार किया। उनका दावा है कि माइनर ऑयल लीकेज हुआ, जिससे फायर सिस्टम एक्टिव हुआ। 20 अप्रैल को भी रिफाइनरी में लगी थी आग इसी साल 20 अप्रैल को रिफाइनरी के दो हिस्सों क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) में आग लग गई थी। यूनिट से धुआं उठने पर कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम चालू किया। इसके बाद मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने 2 से 3 घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान यूनिट से लपटें उठती रहीं। यह घटना 21 अप्रैल को रिफाइनरी के उद्घाटन से एक दिन पहले हुई थी। हादसे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का यहां आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद यहां पर रिपेयरिंग का काम किया गया और 4 जुलाई को प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी का उद्घाटन किया। 4500 एकड़ में बनी है HPCL की रिफाइनरी सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड यानी HPCL की यह रिफाइनरी राजस्थान में नए बने जिले बालोतरा के पचपदरा में मौजूद है। 4500 एकड़ (7200 बीघा) में बनी रिफाइनरी में विदेशों से मंगाए जाने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करने और उससे अलग-अलग प्रोडक्ट तैयार करने के लिए पूरा कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यहां सालाना 9 मिलियन टन कच्चा तेल साफ किया जा सकता है। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी पचपदरा रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और 42,229 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार हुई है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के टेक्निशीयन ने यहां काम किया। ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग:कई घंटे बाद काबू पाया गया; कल प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे, घटना के बाद कार्यक्रम स्थगित राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी। (पूरी खबर पढ़ें) PM बोले- भारत सबसे बड़े ऊर्जा संकट से उबरा:2 हजार तक पहुंच सकती थी घरेलू सिलेंडर की कीमत, राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को बालोतरा के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा- पश्चिमी एशिया में हुए युद्ध के कारण 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हो गया था। इस दौरान भारत की दृढ़ शक्ति के कारण सबसे बड़ा संकट भी छोटा हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)

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