अजमेर की पहचान सदियों से विरासत, आस्था और शिक्षा के केंद्र के रूप में रही है, लेकिन अब शहर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नए संस्थान, औद्योगिक गतिविधियों और आसपास विकसित हो रहे कारोबारी केंद्रों ने अजमेर को एक नए आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित करना शुरू किया है। हैप्पी रियल अर्थ ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कुमार इस बदलाव को शहर के अगले विकास चरण की शुरुआत मानते हैं। उनके अनुसार, अजमेर अब केवल धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के लिए जाना जाने वाला शहर नहीं रहा। मेडिकल कॉलेज, प्रस्तावित आईटी पार्क और अजमेर विकास प्राधिकरण की मास्टर प्लानिंग के तहत विकसित हो रहे कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और इकोलॉजिकल जोन शहर के विस्तार को नई दिशा दे रहे हैं। आसपास के औद्योगिक केंद्र बन रहे ताकत राजेश कुमार अजमेर के भविष्य को उसके आसपास के शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़कर देखते हैं। किशनगढ़ एयरपोर्ट, किशनगढ़ का मार्बल उद्योग, ब्यावर-भीलवाड़ा का औद्योगिक क्षेत्र और नागौर क्षेत्र की मसाला गतिविधियां अजमेर को एक बड़े क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र के रूप में मजबूत कर सकती हैं। उनके अनुसार, अजमेर के आसपास करीब 50 किलोमीटर के दायरे में मौजूद औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकती हैं। इससे स्थानीय युवाओं को अपने शहर या आसपास ही काम के अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी और रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन कम किया जा सकेगा। पुष्कर की बदलती पहचान अजमेर के विकास की चर्चा पुष्कर के बिना अधूरी है। राजेश कुमार के मुताबिक पुष्कर अब केवल धार्मिक पर्यटन स्थल नहीं रह गया है। फार्महाउस, रिसॉर्ट्स, बड़े होटल और अंतरराष्ट्रीय होटल ब्रांड्स की मौजूदगी ने इसे पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग के नए केंद्र के रूप में विकसित किया है। इससे अजमेर-पुष्कर क्षेत्र में हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए नई संभावनाएं बन रही हैं। रियल एस्टेट में सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर रियल एस्टेट क्षेत्र में पिछले 14 वर्षों से सक्रिय राजेश कुमार पिछले तीन वर्षों से अजमेर में काम कर रहे हैं। उन्होंने शहर की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए टाउनशिप डेवलपमेंट में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, अजमेर में पानी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनकी टाउनशिप्स में तीन प्रमुख क्षेत्रों सोलर एनर्जी, ग्रीनरी और वाटर कंजर्वेशन पर काम किया जा रहा है। कॉमन एरिया को सोलर एनर्जी से जोड़ने, बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने और वर्षाजल को टाउनशिप परिसर में ही संग्रहित कर भूजल रिचार्ज करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। जहां जरूरत होती है, वहां कुएं विकसित कर जल संरक्षण को मजबूत किया जाता है। राजेश कुमार के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट केवल एक आधुनिक अवधारणा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधन सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है। विकास में नागरिकों की भी भूमिका अजमेर के भविष्य को लेकर उनका मानना है कि हर जिम्मेदारी सरकार पर नहीं छोड़ी जा सकती। सरकार नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर सकती है, लेकिन स्वच्छता, हरियाली और पौधरोपण जैसे कार्यों में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी सोच के तहत उनकी टीम स्थानीय क्षेत्रों में पौधरोपण और जागरूकता अभियानों का आयोजन करती है। उनका मानना है कि जब विकास में सरकार, कारोबार और नागरिक- तीनों की भागीदारी होगी, तभी अजमेर का विस्तार लंबे समय तक टिकाऊ और समावेशी रह सकेगा। राजेश कुमार का विजन अजमेर के ऐसे भविष्य की ओर है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवनशैली- तीनों विकास के समान आधार बनें।


