श्रावस्ती कोर्ट ने अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के 15 साल पुराने मामले में एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 1 लाख 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस ने शुक्रवार शाम 6:30 बजे के बाद इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, यह फैसला ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2011 में गिलौला थाने में राकेश यादव उर्फ खोईलन पुत्र सहजराम, निवासी खानपुरवा, थाना कोतवाली भिनगा, श्रावस्ती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी पर वादी की बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। प्रभावी पैरवी से दोषी को सजा पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत चिन्हित एवं गंभीर मामलों, विशेषकर महिला संबंधी अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह, संबंधित थाना प्रभारी और कोर्ट पैरोकारों को मुकदमों के त्वरित निस्तारण और प्रभावी पैरवी के लिए निर्देशित किया गया था। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता, विशेष लोक अभियोजक और कोर्ट पैरोकार ने मामले की लगातार पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर एएसजे/एससी-एसटी न्यायालय, श्रावस्ती ने राकेश यादव उर्फ खोईलन को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आजीवन कारावास और 1,45,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस विभाग ने इसे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत महत्वपूर्ण सफलता बताया है।


