इटावा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे प्रयागराज मंडल के इटावा जंक्शन स्टेशन पर वर्ष 1947 में हुए देश के विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का शुभारंभ स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़ीं प्रतिमा शंकर दीक्षित ने फीता काटकर किया। इस दौरान रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी और यात्री मौजूद रहे। प्रदर्शनी में वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान पैदा हुई परिस्थितियों को चित्रों और विभिन्न ऐतिहासिक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसमें विभाजन के कारण हुए विस्थापन, संघर्ष और आम नागरिकों द्वारा झेली गई पीड़ा को प्रमुखता से दर्शाया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को उस दौर के मानवीय पक्ष से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभाजन के दौरान प्रभावित हुए परिवारों के त्याग, संघर्ष और साहस को स्मरण किया। प्रदर्शनी में लगाए गए चित्रों और विवरणों के जरिए लोगों को देश के विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी दी गई और उस समय आम लोगों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, इसे समझाने का प्रयास किया गया। इटावा जंक्शन पर प्रदर्शनी लगाए जाने के कारण स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आम लोगों में भी उत्सुकता दिखाई दी। यात्रियों ने रुककर प्रदर्शनी में लगाए गए चित्रों और ऐतिहासिक सामग्री को देखा। लोगों ने विभाजन से जुड़ी घटनाओं और उस समय की परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। रेलवे की ओर से इस आयोजन को लोगों तक इतिहास और उसके मानवीय पक्ष को पहुंचाने की पहल बताया गया। रेल प्रशासन ने प्रदर्शनी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को याद करना और उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करना इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।


