बुडको के परियोजना निदेशक के लिए किशनगंज और अररिया में कार्यदिवस निर्धारित होने के बावजूद किशनगंज स्थित कार्यालय में अब तक बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगाई गई है। इस स्थिति से निर्धारित कार्यदिवसों में अधिकारी की वास्तविक उपस्थिति की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। जिला गोपनीय शाखा ने 23 जुलाई 2026 को पत्रांक 2407 जारी कर बुडको के कार्यपालक अभियंता को बायोमेट्रिक उपस्थिति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। यह निर्देश सामाजिक कार्यकर्ता जनक पासवान की शिकायत के बाद आया था, जिसमें उन्होंने किशनगंज नगर क्षेत्र की जल-नल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने पर मोबाइल स्विच ऑफ मिलने की बात कही थी। अधिकारी के जिले में रहने का मांगा गया था रोस्टर शिकायत में यह भी उल्लेख था कि किशनगंज की आम जनता बनकर संपर्क करने पर अधिकारी अपनी उपस्थिति अररिया में बताते हैं, जबकि अररिया की जनता बनकर संपर्क करने पर किशनगंज में मौजूद होने की बात कही जाती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, जिला गोपनीय शाखा ने जून और जुलाई 2026 की बायोमेट्रिक उपस्थिति और संबंधित तिथियों में अधिकारी के जिले में रहने का रोस्टर मांगा था। इसके बाद, जिलाधिकारी-सह-समाहर्ता नवीन कुमार के हस्ताक्षर से 30 जुलाई 2026 को आदेश संख्या 2501/जि0गो0 जारी किया गया। इस आदेश में बुडको किशनगंज के परियोजना निदेशक मनोज कुमार, जिनके पास अररिया का अतिरिक्त प्रभार भी है, के लिए दोनों जिलों में कार्यदिवस निर्धारित किए गए। शनिवार को अररिया जिला मुख्यालय में करना है काम आदेश के अनुसार, मनोज कुमार को सोमवार, मंगलवार और बुधवार को किशनगंज जिला मुख्यालय में तथा गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को अररिया जिला मुख्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करना है। साथ ही, आदेश में दोनों जिला मुख्यालयों में निर्धारित कार्यदिवस पर उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। विभागीय कार्यों के समय पर क्रियान्वयन, निष्पादन और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई थी। अब सवाल यह है कि जब आदेश में बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है, तो किशनगंज स्थित संबंधित कार्यालय में मशीन अब तक क्यों नहीं लगाई गई। मशीन नहीं होने की स्थिति में निर्धारित कार्यदिवस पर अधिकारी की उपस्थिति का सत्यापन किस आधार पर किया जा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है। मामले में संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण अपेक्षित है। बुडको के परियोजना निदेशक के लिए किशनगंज और अररिया में कार्यदिवस निर्धारित होने के बावजूद किशनगंज स्थित कार्यालय में अब तक बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगाई गई है। इस स्थिति से निर्धारित कार्यदिवसों में अधिकारी की वास्तविक उपस्थिति की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। जिला गोपनीय शाखा ने 23 जुलाई 2026 को पत्रांक 2407 जारी कर बुडको के कार्यपालक अभियंता को बायोमेट्रिक उपस्थिति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। यह निर्देश सामाजिक कार्यकर्ता जनक पासवान की शिकायत के बाद आया था, जिसमें उन्होंने किशनगंज नगर क्षेत्र की जल-नल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने पर मोबाइल स्विच ऑफ मिलने की बात कही थी। अधिकारी के जिले में रहने का मांगा गया था रोस्टर शिकायत में यह भी उल्लेख था कि किशनगंज की आम जनता बनकर संपर्क करने पर अधिकारी अपनी उपस्थिति अररिया में बताते हैं, जबकि अररिया की जनता बनकर संपर्क करने पर किशनगंज में मौजूद होने की बात कही जाती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, जिला गोपनीय शाखा ने जून और जुलाई 2026 की बायोमेट्रिक उपस्थिति और संबंधित तिथियों में अधिकारी के जिले में रहने का रोस्टर मांगा था। इसके बाद, जिलाधिकारी-सह-समाहर्ता नवीन कुमार के हस्ताक्षर से 30 जुलाई 2026 को आदेश संख्या 2501/जि0गो0 जारी किया गया। इस आदेश में बुडको किशनगंज के परियोजना निदेशक मनोज कुमार, जिनके पास अररिया का अतिरिक्त प्रभार भी है, के लिए दोनों जिलों में कार्यदिवस निर्धारित किए गए। शनिवार को अररिया जिला मुख्यालय में करना है काम आदेश के अनुसार, मनोज कुमार को सोमवार, मंगलवार और बुधवार को किशनगंज जिला मुख्यालय में तथा गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को अररिया जिला मुख्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करना है। साथ ही, आदेश में दोनों जिला मुख्यालयों में निर्धारित कार्यदिवस पर उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। विभागीय कार्यों के समय पर क्रियान्वयन, निष्पादन और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई थी। अब सवाल यह है कि जब आदेश में बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है, तो किशनगंज स्थित संबंधित कार्यालय में मशीन अब तक क्यों नहीं लगाई गई। मशीन नहीं होने की स्थिति में निर्धारित कार्यदिवस पर अधिकारी की उपस्थिति का सत्यापन किस आधार पर किया जा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है। मामले में संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण अपेक्षित है।


