जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश नीति को लेकर दिए बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार की भाषा में कहें तो ‘लफुआ’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। संजय झा ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। तेजस्वी यादव पार्ट टाइम पॉलिटिक्स करते हैं: संजय झा तेजस्वी यादव के 19 अगस्त को एके-47 मामले को लेकर राजभवन मार्च के ऐलान पर संजय झा ने कहा, तेजस्वी यादव पार्ट टाइम पॉलिटिक्स करते हैं। फुल टाइम पॉलिटिक्स नहीं करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जब बिहार में हंगामा हो रहा था, तब तेजस्वी यादव विदेश में घूम रहे थे। अब बहुत पीछे छूट गए हैं, इसलिए इन मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।’ संजय झा ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा, ‘बिहार के मुद्दों पर राजनीति करने से पहले उन्हें उन मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए, जहां छात्रों की समस्याएं सामने आ रही हैं।’ फरक्का संधि को लेकर केंद्र से सख्त रुख अपनाने की मांग संजय झा ने फरक्का संधि को लेकर भी जदयू के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, ‘पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी हद तक जाने को तैयार है। केंद्र सरकार से कहा गया है कि दिसंबर में इस संधि की मियाद खत्म हो रही है, इसलिए किसी भी हालत में इसे आगे नहीं बढ़ाया जाए।’ उन्होंने बताया, ‘यह संधि UPA सरकार के समय हुई थी और इसके कारण बिहार का 73 प्रतिशत पानी बांग्लादेश चला जाता है। बिहार में खुद पानी की कमी है। ऐसे में इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार को संधि को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।’ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश नीति को लेकर दिए बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार की भाषा में कहें तो ‘लफुआ’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। संजय झा ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। तेजस्वी यादव पार्ट टाइम पॉलिटिक्स करते हैं: संजय झा तेजस्वी यादव के 19 अगस्त को एके-47 मामले को लेकर राजभवन मार्च के ऐलान पर संजय झा ने कहा, तेजस्वी यादव पार्ट टाइम पॉलिटिक्स करते हैं। फुल टाइम पॉलिटिक्स नहीं करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जब बिहार में हंगामा हो रहा था, तब तेजस्वी यादव विदेश में घूम रहे थे। अब बहुत पीछे छूट गए हैं, इसलिए इन मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।’ संजय झा ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा, ‘बिहार के मुद्दों पर राजनीति करने से पहले उन्हें उन मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए, जहां छात्रों की समस्याएं सामने आ रही हैं।’ फरक्का संधि को लेकर केंद्र से सख्त रुख अपनाने की मांग संजय झा ने फरक्का संधि को लेकर भी जदयू के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, ‘पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी हद तक जाने को तैयार है। केंद्र सरकार से कहा गया है कि दिसंबर में इस संधि की मियाद खत्म हो रही है, इसलिए किसी भी हालत में इसे आगे नहीं बढ़ाया जाए।’ उन्होंने बताया, ‘यह संधि UPA सरकार के समय हुई थी और इसके कारण बिहार का 73 प्रतिशत पानी बांग्लादेश चला जाता है। बिहार में खुद पानी की कमी है। ऐसे में इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार को संधि को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।’


