मधेपुरा के सिंहेश्वर नाथ मंदिर परिसर में शादी समारोह के दौरान पटाखे की चिंगारी से पंडाल में लगी आग मामले में पुलिस ने दूल्हा प्रवीण कुमार समेत 3 बारातियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। देर शाम मंदिर न्यास समिति को आग से हुई क्षति के एवज में 70 हजार रुपए जमा कराने के बाद तीनों को थाने से छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सिंहेश्वर न्यास समिति ने दूल्हे से 70 हजार रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में जमा कराया। रोकड़पाल राकेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रवीण कुमार के नाम से 70 हजार रुपए की मनी रसीद काटे जाने की पुष्टि की है। घटना गुरुवार सुबह करीब 3.45 बजे की है। मंदिर परिसर में शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान वर-वधू पक्ष के रिश्तेदार और दोस्तों की ओर से 60 शॉट वाला स्काई शॉट पटाखा छोड़ा जा रहा था। पटाखे से निकली जलती चिंगारी मंदिर परिसर में लगे वाटरप्रूफ पंडाल के कपड़े पर जा गिरी। देखते ही देखते पंडाल में आग फैलने लगी। आग की लपटें उठते ही मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। पंडाल का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। आग लगते ही टेंट हाउस के साथ मंदिर सुरक्षा में तैनात गार्ड दिलीप कुमार और आदर्श कुमार आग बुझाने में जुट गए। मौके पर मौजूद आठ अग्निशामक सिलेंडरों से आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। सूचना पर अग्निशमन टीम भी मौके पर पहुंची। पंडाल काफी ऊंचा होने के कारण पानी की बौछार ऊपर तक पहुंचाने में परेशानी हुई। इसके बाद टेंट कर्मचारियों ने ऊंचाई पर पहुंचकर पानी डालते हुए आग पर पूरी तरह काबू पाया। दूल्हे समेत 3 लोगों से पुलिस ने की पूछताछ घटना की सूचना पर सिंहेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पतरघट के वार्ड-16 निवासी दूल्हे प्रवीण कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दूल्हे ने पुलिस को बताया कि वह पांच-छह लोगों के साथ मंडप में शादी की रस्में पूरी कर रहा था। पटाखा किसने छोड़ा, इसकी जानकारी होने से उसने इनकार किया। पुलिस ने पूछताछ के बाद देर शाम तीनों को छोड़ दिया। मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक भवेश कुमार ने बताया कि शादी समारोह के दौरान पटाखे जलाए जा रहे थे। इसी दौरान पंडाल में आग लगी। क्षतिग्रस्त पंडाल को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शादी करने आए युवक को पुलिस के हवाले किया गया था, जबकि लड़की मौके से चली गई। बड़ा हादसा होने से बचा
घटना के बाद श्रावणी मेले के दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सावन में मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में परिसर में शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल भी उठ रहा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की जानकारी मिलने पर सीओ नवीन कुमार सिंह और मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक भवेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मधेपुरा के सिंहेश्वर नाथ मंदिर परिसर में शादी समारोह के दौरान पटाखे की चिंगारी से पंडाल में लगी आग मामले में पुलिस ने दूल्हा प्रवीण कुमार समेत 3 बारातियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। देर शाम मंदिर न्यास समिति को आग से हुई क्षति के एवज में 70 हजार रुपए जमा कराने के बाद तीनों को थाने से छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सिंहेश्वर न्यास समिति ने दूल्हे से 70 हजार रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में जमा कराया। रोकड़पाल राकेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रवीण कुमार के नाम से 70 हजार रुपए की मनी रसीद काटे जाने की पुष्टि की है। घटना गुरुवार सुबह करीब 3.45 बजे की है। मंदिर परिसर में शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान वर-वधू पक्ष के रिश्तेदार और दोस्तों की ओर से 60 शॉट वाला स्काई शॉट पटाखा छोड़ा जा रहा था। पटाखे से निकली जलती चिंगारी मंदिर परिसर में लगे वाटरप्रूफ पंडाल के कपड़े पर जा गिरी। देखते ही देखते पंडाल में आग फैलने लगी। आग की लपटें उठते ही मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। पंडाल का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। आग लगते ही टेंट हाउस के साथ मंदिर सुरक्षा में तैनात गार्ड दिलीप कुमार और आदर्श कुमार आग बुझाने में जुट गए। मौके पर मौजूद आठ अग्निशामक सिलेंडरों से आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। सूचना पर अग्निशमन टीम भी मौके पर पहुंची। पंडाल काफी ऊंचा होने के कारण पानी की बौछार ऊपर तक पहुंचाने में परेशानी हुई। इसके बाद टेंट कर्मचारियों ने ऊंचाई पर पहुंचकर पानी डालते हुए आग पर पूरी तरह काबू पाया। दूल्हे समेत 3 लोगों से पुलिस ने की पूछताछ घटना की सूचना पर सिंहेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पतरघट के वार्ड-16 निवासी दूल्हे प्रवीण कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दूल्हे ने पुलिस को बताया कि वह पांच-छह लोगों के साथ मंडप में शादी की रस्में पूरी कर रहा था। पटाखा किसने छोड़ा, इसकी जानकारी होने से उसने इनकार किया। पुलिस ने पूछताछ के बाद देर शाम तीनों को छोड़ दिया। मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक भवेश कुमार ने बताया कि शादी समारोह के दौरान पटाखे जलाए जा रहे थे। इसी दौरान पंडाल में आग लगी। क्षतिग्रस्त पंडाल को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शादी करने आए युवक को पुलिस के हवाले किया गया था, जबकि लड़की मौके से चली गई। बड़ा हादसा होने से बचा
घटना के बाद श्रावणी मेले के दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सावन में मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में परिसर में शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल भी उठ रहा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की जानकारी मिलने पर सीओ नवीन कुमार सिंह और मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक भवेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


