JPSC-JSSC पेपर लीक किंगपिन अभय तिवारी देवघर का निवासी:गांव में सन्नाटा, परिजन और ग्रामीण कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते दिखे

JPSC-JSSC पेपर लीक किंगपिन अभय तिवारी देवघर का निवासी:गांव में सन्नाटा, परिजन और ग्रामीण कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते दिखे

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा पेपर लीक मामले के कथित किंगपिन अभय तिवारी का संबंध देवघर जिले के मारगोमुंडा प्रखंड के कुदारखोसो गांव से है। उसका जन्म और शुरुआती जीवन इसी गांव में बीता। तीन भाइयों में सबसे छोटे अभय ने पांचवीं तक की पढ़ाई मारगोमुंडा के शिशु मंदिर में की। इसके बाद उसने दुमका से मैट्रिक तक की शिक्षा पूरी की। उसका बड़ा भाई रामवचन तिवारी दो दशक से अधिक समय से भारतीय सेना में कार्यरत है, जबकि मझला भाई अक्षय कुमार तिवारी रांची में रहता है। गांव के पैतृक घर में अभय की पत्नी, मां, भाभी, भतीजी और बेटी रहती हैं। बताया गया है कि अभय की पत्नी की तबीयत खराब है। मामला सुर्खियों में आने के बाद गांव का माहौल बदल गया है। परिजन और ग्रामीण कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते दिखे। कई लोगों ने वीडियो बनाने पर भी आपत्ति जताई और प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। काफी समझाने के बाद अभय की मां मधुलता देवी ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है और एक समय बेहद गरीब था। मधुलता देवी के अनुसार, अभय बचपन से ही मेहनती स्वभाव का रहा है। गांव में अभय के नाम पर एक पक्का दो मंजिला मकान है। हालांकि, मधुलता देवी ने स्पष्ट किया कि इस मकान का निर्माण उनके बड़े बेटे ने करवाया है। कुदारखोसो गांव में अभय तिवारी को लेकर चर्चाएं तो हैं, लेकिन अधिकांश ग्रामीण और परिजन सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। गांव में सन्नाटा और प्रतीक्षा का माहौल बना हुआ है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा पेपर लीक मामले के कथित किंगपिन अभय तिवारी का संबंध देवघर जिले के मारगोमुंडा प्रखंड के कुदारखोसो गांव से है। उसका जन्म और शुरुआती जीवन इसी गांव में बीता। तीन भाइयों में सबसे छोटे अभय ने पांचवीं तक की पढ़ाई मारगोमुंडा के शिशु मंदिर में की। इसके बाद उसने दुमका से मैट्रिक तक की शिक्षा पूरी की। उसका बड़ा भाई रामवचन तिवारी दो दशक से अधिक समय से भारतीय सेना में कार्यरत है, जबकि मझला भाई अक्षय कुमार तिवारी रांची में रहता है। गांव के पैतृक घर में अभय की पत्नी, मां, भाभी, भतीजी और बेटी रहती हैं। बताया गया है कि अभय की पत्नी की तबीयत खराब है। मामला सुर्खियों में आने के बाद गांव का माहौल बदल गया है। परिजन और ग्रामीण कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते दिखे। कई लोगों ने वीडियो बनाने पर भी आपत्ति जताई और प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। काफी समझाने के बाद अभय की मां मधुलता देवी ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है और एक समय बेहद गरीब था। मधुलता देवी के अनुसार, अभय बचपन से ही मेहनती स्वभाव का रहा है। गांव में अभय के नाम पर एक पक्का दो मंजिला मकान है। हालांकि, मधुलता देवी ने स्पष्ट किया कि इस मकान का निर्माण उनके बड़े बेटे ने करवाया है। कुदारखोसो गांव में अभय तिवारी को लेकर चर्चाएं तो हैं, लेकिन अधिकांश ग्रामीण और परिजन सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। गांव में सन्नाटा और प्रतीक्षा का माहौल बना हुआ है।  

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