लापता सनोज मामले में CBI जांच शुरू:भोजपुर पुलिस ने केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपे, हाईकोर्ट के आदेश पर नए सिरे से होगी जांच

लापता सनोज मामले में CBI जांच शुरू:भोजपुर पुलिस ने केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपे, हाईकोर्ट के आदेश पर नए सिरे से होगी जांच

भोजपुर जिले के गंज गांव के दलित टोला निवासी सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में अब सीबीआई जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिहिया थाना पुलिस ने गुरुवार को केस से संबंधित सभी दस्तावेज और जांच अभिलेख पटना स्थित सीबीआई कार्यालय को सौंप दिए। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए भोजपुर पुलिस को केस रिकॉर्ड की प्रति तत्काल उपलब्ध कराने और जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था। दस्तावेज सौंपे जाने के बाद अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच होगी। फोन कर मारपीट की सूचना दी गई थी मामला गंज गांव निवासी गौरीशंकर राम के पुत्र सनोज कुमार के उत्पाद विभाग की हिरासत से लापता होने से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, 13 अगस्त 2025 की शाम सनोज कुमार किसी काम से बिहिया गए थे। इसी दौरान उन्होंने अपने स्वजन को फोन कर बताया था कि शराब पीने के आरोप में उत्पाद विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ लिया है। फोन पर सनोज ने यह भी बताया था कि उनके साथ मारपीट की जा रही है। बातचीत के दौरान ही फोन कट गया और इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने और मोबाइल बंद मिलने के बाद परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी अगले दिन 14 अगस्त 2025 को सनोज के पिता गौरीशंकर राम ने बिहिया थाना में उत्पाद विभाग के कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। परिजनों ने आशंका जताई थी कि उत्पाद विभाग की हिरासत में सनोज के साथ मारपीट की गई और उसके बाद वह रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। जांच के दौरान धरहरा अनुसूचित जाति टोला के समीप से सनोज की बाइक बरामद की गई। वहीं, उसका मोबाइल फोन भी उत्पाद विभाग के पास से बरामद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच में उत्पाद विभाग से जुड़े सात लोगों को पुलिस ने आरोपित बनाया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक साल भी सुराग नहीं हालांकि, करीब एक साल बाद भी सनोज का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। इसी बीच मामले की निष्पक्ष जांच और सनोज के लापता होने की सच्चाई सामने लाने की मांग को लेकर मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। अब केस से जुड़े दस्तावेज सीबीआई को सौंपे जाने के बाद जांच एजेंसी के स्तर पर आगे की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। सीबीआई अब सनोज के लापता होने से लेकर उत्पाद विभाग की हिरासत, बाइक और मोबाइल बरामदगी समेत पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। परिजनों को उम्मीद है कि सीबीआई जांच से सनोज के रहस्यमय ढंग से गायब होने की गुत्थी सुलझेगी और मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आएगी। भोजपुर जिले के गंज गांव के दलित टोला निवासी सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में अब सीबीआई जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिहिया थाना पुलिस ने गुरुवार को केस से संबंधित सभी दस्तावेज और जांच अभिलेख पटना स्थित सीबीआई कार्यालय को सौंप दिए। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए भोजपुर पुलिस को केस रिकॉर्ड की प्रति तत्काल उपलब्ध कराने और जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था। दस्तावेज सौंपे जाने के बाद अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच होगी। फोन कर मारपीट की सूचना दी गई थी मामला गंज गांव निवासी गौरीशंकर राम के पुत्र सनोज कुमार के उत्पाद विभाग की हिरासत से लापता होने से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, 13 अगस्त 2025 की शाम सनोज कुमार किसी काम से बिहिया गए थे। इसी दौरान उन्होंने अपने स्वजन को फोन कर बताया था कि शराब पीने के आरोप में उत्पाद विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ लिया है। फोन पर सनोज ने यह भी बताया था कि उनके साथ मारपीट की जा रही है। बातचीत के दौरान ही फोन कट गया और इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने और मोबाइल बंद मिलने के बाद परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी अगले दिन 14 अगस्त 2025 को सनोज के पिता गौरीशंकर राम ने बिहिया थाना में उत्पाद विभाग के कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। परिजनों ने आशंका जताई थी कि उत्पाद विभाग की हिरासत में सनोज के साथ मारपीट की गई और उसके बाद वह रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। जांच के दौरान धरहरा अनुसूचित जाति टोला के समीप से सनोज की बाइक बरामद की गई। वहीं, उसका मोबाइल फोन भी उत्पाद विभाग के पास से बरामद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच में उत्पाद विभाग से जुड़े सात लोगों को पुलिस ने आरोपित बनाया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक साल भी सुराग नहीं हालांकि, करीब एक साल बाद भी सनोज का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। इसी बीच मामले की निष्पक्ष जांच और सनोज के लापता होने की सच्चाई सामने लाने की मांग को लेकर मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। अब केस से जुड़े दस्तावेज सीबीआई को सौंपे जाने के बाद जांच एजेंसी के स्तर पर आगे की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। सीबीआई अब सनोज के लापता होने से लेकर उत्पाद विभाग की हिरासत, बाइक और मोबाइल बरामदगी समेत पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। परिजनों को उम्मीद है कि सीबीआई जांच से सनोज के रहस्यमय ढंग से गायब होने की गुत्थी सुलझेगी और मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आएगी।  

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