भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा मौत मामले में शुक्रवार को पंचकूला सीबीआई कोर्ट से परिवार क्लोजर रिपोर्ट लेगा। इसके लिए काफी दिनों से परिवार की डिमांड चली आ रही थी कि उन्हें इस केस में क्या चल रहा है, उसकी जानकारी दी जाएगी। करीब एक महीने पहले मनीषा के पिता सहित पांच सदस्यों की कमेटी दिल्ली में सीबीआई के अधिकारियों से भी मिली थी। वहीं पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने 14 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की समय अवधि दी थी। सीबीआई ने मनीषा के पिता को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि 12 अगस्त को उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है। जिसको वे 14 अगस्त को कोर्ट से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए मनीषा के पिता व अन्य लोग वीरवार को गांव में श्रद्धांजलि सभा होने के बाद पंचकूला पहुंच गए। मनीषा के पिता ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट लेने के लिए उनके साथ बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी, गांव के पूर्व सरपंच आदि कोर्ट जाएंगे। मनीषा की मौत की बरसी पर गुरुवार सुबह गांव के मंदिर में श्रद्धांजलि सभा रखी गई थी। जिसमें किसान नेता और पंचायत मेंबर पहुंचे। बेटी की यादों के सहारे जी रहा परिवार एक साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। नर्सिंग ऑफिसर बनने का सपना देखने वाली 19 साल की मनीषा 11 अगस्त 2025 को लापता हुईं। दो दिन बाद शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला था। पुलिस ने मर्डर केस दर्ज किया, लेकिन 18 अगस्त को इसे आत्महत्या बता दिया। इसके बाद विरोध बढ़ने पर तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया और जांच CBI को सौंप दी। CBI अब तक चार-पांच बार गांव आकर जांच कर चुकी है, लेकिन मौत की वजह का रहस्य अभी बरकरार है। पिता बोले- CBI रिपोर्ट सही नहीं हुई तो जज के सामने अर्जी लगाएंगे
मनीषा के पिता संजय ने कहा कि हम इतने दिन से संघर्ष कर रहे थे। सीबीआई पर जनता का दबाव था। इसीलिए उन्होंने वे चीजे निकाली, अब हम कल जाएंगे वहां, तब पता चलेगा कि क्या रिपोर्ट आई। इसके बाद परसों गांव की कमेटी के सामने रिपोर्ट रखी जाएगी। उस रिपोर्ट से अभी उम्मीदें हैं। अगर, इसमें भी कोई कमी रही तो कहां जाएंगे। इसके बाद गांव की कमेटी से बातचीत कर आगे का रास्ता निकाला जाएगा। ये बेटी के न्याय की बात है। अगर हम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए तो हम वहीं पर जज साहब के सामने अर्जी लगा देंगे कि हम इसे नहीं मानते। उधर, मनीषा के दादा रामकिशन ने कहा कि सीबीआई केवल लीपापोती कर रही है। हमें केवल अपने समाज से ही न्याय दिलाने की उम्मीद है। परिवार ने मनीषा की सारी चीजें वैसे ही रखी हैं…
दैनिक भास्कर की टीम मनीषा के घर पहुंची। मनीषा का जिक्र छिड़ते ही पिता संजय भावुक हो गए। बोले-“आज भी हर समय उसकी याद आती है। वह पढ़ती थी और अपने छोटे भाई-बहनों को भी पढ़ाती थी। खेत में जाता हूं तो याद आता है कि मनीषा कैसे मेरे साथ काम में हाथ बंटाती थी।”
बेटी की यादों को परिवार ने आज भी उसी तरह संभालकर रखा है। उसकी किताबें और कपड़े सुरक्षित हैं। घर के कोने में जिस जगह पर छोटा सा मंदिर बनाकर मनीषा पूजा करती थी, वह भी परिवार ने उसी तरह रखा है। आज भी वहां पूजा होती है। संजय कहते हैं कि बेटी के जाने के बाद पूरा साल उसकी यादों में बीता, लेकिन सबसे बड़ा दर्द यह है कि आज तक यह पता नहीं चला कि उसके साथ हुआ क्या था। पैदल मार्च, अनशन से लेकर दिल्ली तक दरवाजा खटखटाया
संजय कहते हैं कि बेटी को न्याय दिलाना अब उनकी जिंदगी का मकसद है। पंचायतों से लेकर पैदल मार्च और अनशन तक किए। CBI अधिकारियों से मिलने दिल्ली तक गए, लेकिन अभी भी जवाब का इंतजार है। “बेटी को न्याय दिलाने तक लड़ूंगा। अगर न्याय नहीं मिला तो पूरी उम्र इसका मलाल रहेगा।” परिवार को उम्मीद- 14 अगस्त को CBI देगी स्टेटस रिपोर्ट
परिवार के मुताबिक CBI की ओर से 14 अगस्त को कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई है। CBI ने दिल्ली में मर्डर की FIR दर्ज कराई थी। अब पंचकूला में सीबीआई की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने 35 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। इसमें मनीषा के परिजन भी शामिल हैं। साथ ही वो दो लोग भी जिन्होंने सबसे पहले मनीषा की लाश देखी थी। प्ले-वे स्कूल से नर्सिंग कॉलेज की तरफ जाते दिखी सीसीटीवी, स्कूल व कॉलेज की सीसीटीवी भी जांच के दायरे में आईं।


