स्किल्स और पोर्टफोलियो ही बनाएंगे बेहतर करियर:स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर चतुर्वेदी बोले- बदलती तकनीक के साथ खुद को ढालना जरूरी, AI का सही इस्तेमाल सीखें

स्किल्स और पोर्टफोलियो ही बनाएंगे बेहतर करियर:स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर चतुर्वेदी बोले- बदलती तकनीक के साथ खुद को ढालना जरूरी, AI का सही इस्तेमाल सीखें

मेरी नजर में किताबी ज्ञान के अलावा जीवन का सबसे बड़ा मंत्र कंसिस्टेंसी है। हर दिन एक जैसी ऊर्जा और पैशन के साथ काम करना संभव नहीं होता, लेकिन लगातार प्रयास करते रहना आपको मंजिल तक जरूर पहुंचाता है। इसके साथ विनम्रता भी जरूरी है, क्योंकि हर जीत के बाद यह मान लेना कि सब कुछ हमारे नियंत्रण में है, सही नहीं है। यह कहना है सिद्धार्थ चतुर्वेदी का। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स ने उन्हें जीत और हार दोनों को स्वीकार करना सिखाया है। टीम के साथ काम करना, मुश्किल समय में टीम को संभालना और हार के बाद अगले मैच के लिए तैयार होना, जीवन के भी बड़े सबक हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि आने वाले समय में स्किल्स सबसे महत्वपूर्ण करेंसी होंगी। किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ दूसरे क्षेत्रों की पर्याप्त समझ और बदलती तकनीक के साथ खुद को ढालने की क्षमता भी जरूरी है। AI के दौर में सिर्फ टूल जानना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के साथ प्रासंगिक स्किल्स विकसित करें और अपना पोर्टफोलियो बनाएं। किसी स्थानीय समस्या का टेक्नोलॉजी या AI के जरिए समाधान तैयार करके दिखाना, आने वाले करियर में आपकी वास्तविक क्षमता को साबित करेगा।

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