शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को ऐसा ज्ञान और कौशल देना है, जिससे वे वास्तविक जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। यह कहना है RKDF की चांसलर डॉ. साधना कपूर का। उन्होंने कहा कि आज के दौर में किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज और किसी एक स्किल में दक्षता बेहद जरूरी है। उनका प्रयास है कि विद्यार्थी सिर्फ जॉब सीकर न बनें, बल्कि जॉब गिवर बनने की दिशा में सोचें। डॉ. कपूर ने कहा कि बच्चों को अपने मन और रुचि के अनुसार करियर चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। माता-पिता का काम उन्हें सही राह दिखाना और काउंसिल करना है, अपनी इच्छा थोपना नहीं। जिस क्षेत्र में बच्चे की रुचि होगी, वह उसी में बेहतर कर पाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों से कहा कि वे खुद पर विश्वास रखें, आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी हों। जिंदगी में धैर्य बहुत जरूरी है। शॉर्टकट और तुरंत सफलता के बजाय अपनी गलतियों से सीखते हुए लगातार आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. कपूर के मुताबिक, मोबाइल और तकनीक का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करना चाहिए और मेहनत से कभी नहीं डरना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि अपने सपनों को पूरा करें, अच्छे नागरिक बनें और जिस भी क्षेत्र को चुनें, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें।


