सीतापुर में गुरुवार शाम करीब 5 बजे झारखंड में छात्रों पर कथित अत्याचार और लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। केंद्रीय आह्वान पर हुए आंदोलन में कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के अधिकारों व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान लालबाग चौराहे पर पुतला फूंका गया। विभाग कार्यालय से निकला आंदोलन आंदोलन की शुरुआत अभाविप के विभाग कार्यालय से हुई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता झारखंड के छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, यदि आज छात्रों के अधिकारों की आवाज नहीं उठाई गई तो भविष्य में दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा अभाविप के विभाग संयोजक अमन शांडिल्य ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रति कथित बर्बरतापूर्ण रवैया विद्यार्थी परिषद को स्वीकार नहीं है। उन्होंने लाठीचार्ज की घटना की निंदा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए परिषद लगातार आवाज उठाती रहेगी। बातचीत से समाधान की मांग कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार समेत अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर विद्यार्थी का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन को छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करना चाहिए, न कि बल प्रयोग करके। दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने झारखंड में छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर रोष जताया। उन्होंने संबंधित प्रशासन से कथित तौर पर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और छात्रों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में रवि सिंह राठौर, विकास मौर्य, ऋतुपर्ण सिंह, नगर मंत्री मानस त्रिपाठी, महोली नगर मंत्री आयुष अवस्थी, नगर खेलो भारत संयोजक शिव सिंह तोमर, यथार्थ, प्रिंस, प्रशांत समेत बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे।


