शेखपुरा में गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित डीएम कक्ष में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला खनन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के पत्थर भूखंडों की पारदर्शी बंदोबस्ती, ई-नीलामी प्रक्रिया, राजस्व संग्रह और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिला प्रशासन और खनन विभाग के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एडीएम, जिला गोपनीय प्रभारी अधिकारी, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, सहायक कोषागार पदाधिकारी, जिला लेखा पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, संयुक्त आयुक्त (वाणिज्यकर, लखीसराय अंचल), पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और आईटी मैनेजर शामिल थे। ई-नीलामी से होगी पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती
जिले में पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती ई-नीलामी के माध्यम से पोर्टल पर की जाएगी। इसके लिए गठित 8 सदस्यीय निविदा-सह-नीलामी समिति ने अनुमोदित जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में वर्णित भूखंडों के न्यूनतम सुरक्षित मूल्य और निविदा प्रारूप पर गहन विचार-विमर्श किया। जिला खनिज पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक भूखंड के लिए 10 हजार रुपये ऑनलाइन शुल्क और 25 प्रतिशत अग्रधन के साथ अलग-अलग निविदा कागजात जमा करने होंगे। निविदादाताओं का पिछले तीन वित्तीय वर्षों 2022-23, 2023-24 और 2024-25 का औसत वार्षिक टर्नओवर भूखंड के सुरक्षित मूल्य का कम से कम 35 प्रतिशत होना अनिवार्य होगा। दो से अधिक पट्टे या 200 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र नहीं नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति या संस्था को पूरे राज्य में दो से अधिक पत्थर पट्टे या 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल आवंटित नहीं किया जाएगा। निविदादाताओं के लिए चरित्र प्रमाण पत्र, जीएसटी रिटर्न और अद्यतन आयकर विवरण जमा करना भी अनिवार्य होगा। गलत जानकारी या तथ्य छिपाकर निविदा प्रक्रिया में शामिल होने वालों को दो साल के लिए काली सूची में डालने का प्रावधान किया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही शुरू होगा खनन खनन पट्टाधारकों को सीटीई, सीटीओ, अनुमोदित खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही खनन कार्य शुरू करने की अनुमति मिलेगी। प्रशासन ने खनन गतिविधियों में निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। वाहनों में जीपीएस और डिजिटल धर्मकांटा अनिवार्य पत्थर परिवहन करने वाले वाहनों पर 20 इंच चौड़ी लाल पट्टी, स्पष्ट पंजीकरण संख्या और जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। खनन स्थलों पर डिजिटल धर्मकांटा स्थापित करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक माह ड्रोन के माध्यम से वॉल्यूमेट्रिक विश्लेषण कर उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। खनन गतिविधियों से प्राप्त राशि में से जिला खनिज फाउंडेशन मद में 2 प्रतिशत राशि का अंशदान लिया जाएगा। अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्ती जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग और खनन विभाग को अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ संयुक्त रूप से सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। पट्टा क्षेत्र के 500 मीटर के भीतर अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित पट्टेदार के खिलाफ भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। समय-सीमा में पूरी हों सभी औपचारिकताएं जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होने से जिले में खनन कार्य शुरू हो सकेगा और सरकारी राजस्व में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी। शेखपुरा में गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित डीएम कक्ष में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला खनन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के पत्थर भूखंडों की पारदर्शी बंदोबस्ती, ई-नीलामी प्रक्रिया, राजस्व संग्रह और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिला प्रशासन और खनन विभाग के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एडीएम, जिला गोपनीय प्रभारी अधिकारी, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, सहायक कोषागार पदाधिकारी, जिला लेखा पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, संयुक्त आयुक्त (वाणिज्यकर, लखीसराय अंचल), पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और आईटी मैनेजर शामिल थे। ई-नीलामी से होगी पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती
जिले में पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती ई-नीलामी के माध्यम से पोर्टल पर की जाएगी। इसके लिए गठित 8 सदस्यीय निविदा-सह-नीलामी समिति ने अनुमोदित जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में वर्णित भूखंडों के न्यूनतम सुरक्षित मूल्य और निविदा प्रारूप पर गहन विचार-विमर्श किया। जिला खनिज पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक भूखंड के लिए 10 हजार रुपये ऑनलाइन शुल्क और 25 प्रतिशत अग्रधन के साथ अलग-अलग निविदा कागजात जमा करने होंगे। निविदादाताओं का पिछले तीन वित्तीय वर्षों 2022-23, 2023-24 और 2024-25 का औसत वार्षिक टर्नओवर भूखंड के सुरक्षित मूल्य का कम से कम 35 प्रतिशत होना अनिवार्य होगा। दो से अधिक पट्टे या 200 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र नहीं नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति या संस्था को पूरे राज्य में दो से अधिक पत्थर पट्टे या 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल आवंटित नहीं किया जाएगा। निविदादाताओं के लिए चरित्र प्रमाण पत्र, जीएसटी रिटर्न और अद्यतन आयकर विवरण जमा करना भी अनिवार्य होगा। गलत जानकारी या तथ्य छिपाकर निविदा प्रक्रिया में शामिल होने वालों को दो साल के लिए काली सूची में डालने का प्रावधान किया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही शुरू होगा खनन खनन पट्टाधारकों को सीटीई, सीटीओ, अनुमोदित खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही खनन कार्य शुरू करने की अनुमति मिलेगी। प्रशासन ने खनन गतिविधियों में निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। वाहनों में जीपीएस और डिजिटल धर्मकांटा अनिवार्य पत्थर परिवहन करने वाले वाहनों पर 20 इंच चौड़ी लाल पट्टी, स्पष्ट पंजीकरण संख्या और जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। खनन स्थलों पर डिजिटल धर्मकांटा स्थापित करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक माह ड्रोन के माध्यम से वॉल्यूमेट्रिक विश्लेषण कर उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। खनन गतिविधियों से प्राप्त राशि में से जिला खनिज फाउंडेशन मद में 2 प्रतिशत राशि का अंशदान लिया जाएगा। अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्ती जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग और खनन विभाग को अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ संयुक्त रूप से सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। पट्टा क्षेत्र के 500 मीटर के भीतर अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित पट्टेदार के खिलाफ भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। समय-सीमा में पूरी हों सभी औपचारिकताएं जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होने से जिले में खनन कार्य शुरू हो सकेगा और सरकारी राजस्व में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।


