बिहार में रग्बी फुटबॉल खेल को तकनीकी रूप से अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को दीपनगर आउटडोर स्टेडियम में दो दिवसीय ‘बिहार राज्य रग्बी फुटबॉल तकनीकी सेमिनार’ का शुभारंभ हुआ। 13 और 14 अगस्त तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सेमिनार में राज्य के विभिन्न जिलों से आए कुल 30 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन के तत्वावधान में और बिहार रग्बी फुटबॉल संघ की ओर से किया जा रहा है, जिसकी मेजबानी का जिम्मा रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के कंधों पर है। सेमिनार में रग्बी इंडिया के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ पंकज सिंह और प्रीती की ओर से प्रतिभागियों को खेल की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस सत्र में प्रतिभागियों को रग्बी फुटबॉल के नियम, रेफरिंग, तकनीकी ज्ञान, मैच संचालन, खेल अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नवीनतम नियमों का विस्तृत और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन सेमिनार के उद्घाटन समारोह में नालंदा के जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर खेल जगत और प्रशासन की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज, नवादा के रग्बी सचिव विक्रम कुमार, पेंचक सिलाट एसोसिएशन ऑफ नालंदा के उपाध्यक्ष संजय कुशवाहा, जदयू युवा नेता धनंजय देव, मधुलिका तिवारी, सौरव कुमार और कुणाल करण शामिल थे। इनके अलावा बिहार के विभिन्न जिलों से आए रग्बी खेल के तकनीकी पदाधिकारी और प्रशिक्षक भी मौजूद रहे।
रग्बी के विकास को मिलेगी नई दिशा रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज ने बताया कि इस प्रकार के तकनीकी सेमिनार से राज्य में रग्बी खेल से जुड़े रेफरी, प्रशिक्षकों और तकनीकी पदाधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार में रग्बी फुटबॉल लगातार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर यहां के खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण सेमिनार से तकनीकी अधिकारियों और प्रशिक्षकों की क्षमता और मजबूत होगी, जिससे खिलाड़ियों को एक सुरक्षित, बेहतर और व्यवस्थित खेल का माहौल मिल सकेगा। यह आयोजन बिहार में रग्बी के तकनीकी स्तर को मजबूत करने और भविष्य में बेहतर तकनीकी अधिकारी व रेफरी तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। बिहार में रग्बी फुटबॉल खेल को तकनीकी रूप से अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को दीपनगर आउटडोर स्टेडियम में दो दिवसीय ‘बिहार राज्य रग्बी फुटबॉल तकनीकी सेमिनार’ का शुभारंभ हुआ। 13 और 14 अगस्त तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सेमिनार में राज्य के विभिन्न जिलों से आए कुल 30 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन के तत्वावधान में और बिहार रग्बी फुटबॉल संघ की ओर से किया जा रहा है, जिसकी मेजबानी का जिम्मा रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के कंधों पर है। सेमिनार में रग्बी इंडिया के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ पंकज सिंह और प्रीती की ओर से प्रतिभागियों को खेल की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस सत्र में प्रतिभागियों को रग्बी फुटबॉल के नियम, रेफरिंग, तकनीकी ज्ञान, मैच संचालन, खेल अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नवीनतम नियमों का विस्तृत और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन सेमिनार के उद्घाटन समारोह में नालंदा के जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर खेल जगत और प्रशासन की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज, नवादा के रग्बी सचिव विक्रम कुमार, पेंचक सिलाट एसोसिएशन ऑफ नालंदा के उपाध्यक्ष संजय कुशवाहा, जदयू युवा नेता धनंजय देव, मधुलिका तिवारी, सौरव कुमार और कुणाल करण शामिल थे। इनके अलावा बिहार के विभिन्न जिलों से आए रग्बी खेल के तकनीकी पदाधिकारी और प्रशिक्षक भी मौजूद रहे।
रग्बी के विकास को मिलेगी नई दिशा रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज ने बताया कि इस प्रकार के तकनीकी सेमिनार से राज्य में रग्बी खेल से जुड़े रेफरी, प्रशिक्षकों और तकनीकी पदाधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार में रग्बी फुटबॉल लगातार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर यहां के खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण सेमिनार से तकनीकी अधिकारियों और प्रशिक्षकों की क्षमता और मजबूत होगी, जिससे खिलाड़ियों को एक सुरक्षित, बेहतर और व्यवस्थित खेल का माहौल मिल सकेगा। यह आयोजन बिहार में रग्बी के तकनीकी स्तर को मजबूत करने और भविष्य में बेहतर तकनीकी अधिकारी व रेफरी तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।


