इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में गुरुवार को दोषीपुरा स्थित इमामबाड़ा जाफरिया से अमारी का जुलूस उठाया गया। यह जुलूस 300 साल पुराना है जो अपनी पुरानी परंपराओं के अनुरूप उठाया गया। इसमें अलम, दुलदुल, अमारी और ताबूत मौजूद है। जुलूस धीरे धीरे सदर इमामबाड़े की तरफ बढ़ रहा है। जुलूस में पुलिस की तरफ से सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। इमाम हुसैन के पचासे पर यह जुलूस निकाला गया है। जुलूस उठने से पहले रात भर अंजुमन जाफरिया ने शब्बेदारी का आयोजन किया। जिसमें शहर भर की 15 अंजुमनों ने शिरकत किया । सुबह 10 बजे जुलूस उठाया गया जो अपने कदीमी रातों से होता हुआ सदर इमामबाड़े की तरफ बढ़ रहा है। इमाम हुसैन की शहादत की याद अंजुमन के शब्बीर हसन ने बताया – इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके घर वालों को असीर कर दिया गया। बाजारों में उनकी औरतों को घुमाया गया। इसके बाद उन्हें कैद कर दिया गया और फिर उन्हें प्रताड़ित किया गया। आज उसी याद में हम सब गमजदा हैं और जुलूस ए अमारी उठाई गई है। जो सदर इमामबाड़े पर समाप्त होगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम एसीपी चेतगंज शुभम कुमार सिंह इस दौरान मय फोर्स जुलूस के साथ साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया पचास को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। सिविल पुलिस के अलावा पीएसी और अन्य बटालियन लगाई गई। जुलूस सदर इमामबाड़े तक जाएगा। इसके अलावा एक।जुलूस चौहट्टे से उठकर सदर इमामबाड़े पर जाएगा।


