बारिश कम होने से धान की फसलों पर संकट:श्रावस्ती में भूजल स्तर गिरा, महंगी सिंचाई से लागत बढ़ी; किसान परेशान

बारिश कम होने से धान की फसलों पर संकट:श्रावस्ती में भूजल स्तर गिरा, महंगी सिंचाई से लागत बढ़ी; किसान परेशान

श्रावस्ती के भिनगा, इकौना और जमुनहा क्षेत्रों में पिछले करीब दो सप्ताह से पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान की फसल गंभीर संकट में आ गयी है। बीच-बीच में हुई हल्की बारिश भी फसल की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। खेतों में नमी लगातार कम होने से कई स्थानों पर धान के पौधे सूखने लगे हैं। किसान अपनी फसल बचाने के लिए पंपिंग सेट और इंजन से सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे खेती की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है। किसानों के अनुसार, बारिश की कमी से भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। ऐसे में पंपिंग सेट चलाने पर भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण बार-बार सिंचाई करना किसानों के लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। समय पर पानी न मिलने से धान की फसल के विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं बड़े किसान तो किसी तरह पंपिंग सेट से सिंचाई कर फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, छोटे और सीमांत किसानों के सामने अधिक मुश्किलें हैं। पर्याप्त संसाधन न होने के कारण ऐसे किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है और उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित होगा। किसान शोभाराम, ओमप्रकाश वर्मा, बुधई और दिलशाद अली सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि लगातार बारिश न होने से धान की फसल कमजोर पड़ रही है। सिंचाई के लिए पंपिंग सेट चलाने में डीजल के साथ-साथ अतिरिक्त मजदूरी का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। किसान तीरथ राम ने जानकारी दी कि बारिश न होने से खेतों में पानी का संकट बढ़ गया है और भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे पंपिंग सेट भी कम पानी दे रहे हैं। किसानों ने जल्द अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई है।

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