किशनगंज में एक युवक के अपहरण और 3.50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सदर थाना पुलिस ने नुनिया टोली निवासी मो. कादिर उर्फ अब्दुल कादिर को पकड़ा है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। यह मामला पीड़िता अफसाना खातून के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। अफसाना खातून, जो मूल रूप से पूर्णिया जिले के बोचागाड़ी की निवासी हैं और वर्तमान में किशनगंज के उतरपाली सुल्तान कॉलोनी में रहती हैं, ने सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। अनीसुर रहमान को पुलिस के हवाले नहीं किया अपने आवेदन में, पीड़िता ने बताया कि उनके पति अनीसुर रहमान तीन नंबर रेलवे गुमटी के पश्चिम दिशा में चाय पी रहे थे। इसी दौरान अब्दुल गफ्फार, मो. कादिर, मंजर आलम, मो. जहीर हुसैन सहित 15-20 अन्य लोगों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया और उन्हें नुनिया टोली की ओर ले गए। पीड़िता के अनुसार, अपहरण के दौरान उनके पति ने फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनके बड़े भाई अब्दुल वाहिद ने डायल-112 पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम नुनिया टोली पहुंची, लेकिन आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने अनीसुर रहमान को पुलिस के हवाले नहीं किया। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अब्दुल गफ्फार ने अनीसुर रहमान को छोड़ने के एवज में 3 लाख 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मो. कादिर उर्फ अब्दुल कादिर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी अभियान जारी है। किशनगंज में एक युवक के अपहरण और 3.50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सदर थाना पुलिस ने नुनिया टोली निवासी मो. कादिर उर्फ अब्दुल कादिर को पकड़ा है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। यह मामला पीड़िता अफसाना खातून के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। अफसाना खातून, जो मूल रूप से पूर्णिया जिले के बोचागाड़ी की निवासी हैं और वर्तमान में किशनगंज के उतरपाली सुल्तान कॉलोनी में रहती हैं, ने सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। अनीसुर रहमान को पुलिस के हवाले नहीं किया अपने आवेदन में, पीड़िता ने बताया कि उनके पति अनीसुर रहमान तीन नंबर रेलवे गुमटी के पश्चिम दिशा में चाय पी रहे थे। इसी दौरान अब्दुल गफ्फार, मो. कादिर, मंजर आलम, मो. जहीर हुसैन सहित 15-20 अन्य लोगों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया और उन्हें नुनिया टोली की ओर ले गए। पीड़िता के अनुसार, अपहरण के दौरान उनके पति ने फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनके बड़े भाई अब्दुल वाहिद ने डायल-112 पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम नुनिया टोली पहुंची, लेकिन आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने अनीसुर रहमान को पुलिस के हवाले नहीं किया। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अब्दुल गफ्फार ने अनीसुर रहमान को छोड़ने के एवज में 3 लाख 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मो. कादिर उर्फ अब्दुल कादिर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी अभियान जारी है।


