माउंटेन मैन बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग एक बार फिर तेज होगी। उनकी 19वीं पुण्यतिथि पर 17 अगस्त को मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। रैली में गया जिले के अलग-अलग प्रखंडों से बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे। रैली भूसुंडा बाला से शुरू होगी। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु गहलौर घाटी पहुंचेंगे। यहां बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इसके बाद सभी लोग पैदल मार्च करेंगे। गहलौर घाटी स्थित बाबा दशरथ मांझी के समाधि स्थल तक जाएंगे। यहां उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। श्रद्धालु बाबा को श्रद्धांजलि देंगे। उनके जीवन और संघर्ष को याद किया जाएगा। भारत रत्न की मांग को लेकर 16 साल से निकाली जा रही बाइक रैली बिहार मुसहर भुइयां सेवा संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि ई. नंदलाल मांझी ने कहा कि दशरथ मांझी को भारत रत्न दिलाने की मांग को लेकर पिछले 16 वर्षों से लगातार मोटरसाइकिल रैली निकाली जा रही है। इसके बावजूद अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि गया के साथ दूसरे जिलों में भी दशरथ मांझी के सम्मान की आवाज उठाई जाती रही है। कई लोग गया से दिल्ली तक पैदल यात्रा कर चुके हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने भी भारत रत्न की मांग रखी जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक इस मांग पर फैसला नहीं हुआ है। नंदलाल मांझी ने कहा कि दशरथ मांझी बेहद गरीब परिवार से आते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपने संकल्प और मेहनत से असंभव को संभव कर दिखाया। करीब 22 वर्षों तक छेनी और हथौड़ी से पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया। उनका संघर्ष आज भी लोगों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी को भारत रत्न मिलना सिर्फ एक व्यक्ति का सम्मान नहीं होगा। यह मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प का सम्मान होगा। इससे देश और दुनिया में उनके संघर्ष को नई पहचान मिलेगी। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को भव्य रूप देने की तैयारी है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। बाइक रैली के जरिए एक बार फिर दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग मजबूती से उठाई जाएगी। माउंटेन मैन बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग एक बार फिर तेज होगी। उनकी 19वीं पुण्यतिथि पर 17 अगस्त को मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। रैली में गया जिले के अलग-अलग प्रखंडों से बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे। रैली भूसुंडा बाला से शुरू होगी। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु गहलौर घाटी पहुंचेंगे। यहां बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इसके बाद सभी लोग पैदल मार्च करेंगे। गहलौर घाटी स्थित बाबा दशरथ मांझी के समाधि स्थल तक जाएंगे। यहां उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। श्रद्धालु बाबा को श्रद्धांजलि देंगे। उनके जीवन और संघर्ष को याद किया जाएगा। भारत रत्न की मांग को लेकर 16 साल से निकाली जा रही बाइक रैली बिहार मुसहर भुइयां सेवा संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि ई. नंदलाल मांझी ने कहा कि दशरथ मांझी को भारत रत्न दिलाने की मांग को लेकर पिछले 16 वर्षों से लगातार मोटरसाइकिल रैली निकाली जा रही है। इसके बावजूद अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि गया के साथ दूसरे जिलों में भी दशरथ मांझी के सम्मान की आवाज उठाई जाती रही है। कई लोग गया से दिल्ली तक पैदल यात्रा कर चुके हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने भी भारत रत्न की मांग रखी जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक इस मांग पर फैसला नहीं हुआ है। नंदलाल मांझी ने कहा कि दशरथ मांझी बेहद गरीब परिवार से आते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपने संकल्प और मेहनत से असंभव को संभव कर दिखाया। करीब 22 वर्षों तक छेनी और हथौड़ी से पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया। उनका संघर्ष आज भी लोगों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी को भारत रत्न मिलना सिर्फ एक व्यक्ति का सम्मान नहीं होगा। यह मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प का सम्मान होगा। इससे देश और दुनिया में उनके संघर्ष को नई पहचान मिलेगी। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को भव्य रूप देने की तैयारी है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। बाइक रैली के जरिए एक बार फिर दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग मजबूती से उठाई जाएगी।

