शेखपुरा जिला समाहरणालय के मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले के विकास कार्यों और जन-समस्याओं के निष्पादन की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न सरकारी विभागों के लंबित भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए भूमि चिह्नीकरण जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, जिले के सभी नगर निकायों में सड़कों के किनारे और मुख्य बाजारों में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का सख्त आदेश दिया गया। समीक्षा के क्रम में, नीलामपत्र के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी नीलामपत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सप्ताह में अनिवार्य रूप से दो दिन कोर्ट का संचालन करें। ‘दीदी की रसोई’ के भवन निर्माण की समीक्षा की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए बॉडी वारंट जारी करें और संबंधित व्यक्तियों को विधिवत नोटिस तामील कराएं। बड़े बकायेदारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए लंबित राशि की वसूली जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। रेफरल अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन ‘दीदी की रसोई’ के भवन निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसे यथाशीघ्र पूर्ण कराकर चालू करने का निर्देश दिया गया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को इसका लाभ मिल सके। जिला पदाधिकारी ने जनसमाधान पोर्टल, सहयोग पोर्टल, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और भूमि स्थानांतरण से जुड़े लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का भी सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पादन केवल कागजी न होकर पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। बैठक में अपर समाहर्ता (एडीएम) लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) राकेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) प्रियंका कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। शेखपुरा जिला समाहरणालय के मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले के विकास कार्यों और जन-समस्याओं के निष्पादन की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न सरकारी विभागों के लंबित भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए भूमि चिह्नीकरण जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, जिले के सभी नगर निकायों में सड़कों के किनारे और मुख्य बाजारों में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का सख्त आदेश दिया गया। समीक्षा के क्रम में, नीलामपत्र के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी नीलामपत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सप्ताह में अनिवार्य रूप से दो दिन कोर्ट का संचालन करें। ‘दीदी की रसोई’ के भवन निर्माण की समीक्षा की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए बॉडी वारंट जारी करें और संबंधित व्यक्तियों को विधिवत नोटिस तामील कराएं। बड़े बकायेदारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए लंबित राशि की वसूली जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। रेफरल अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन ‘दीदी की रसोई’ के भवन निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसे यथाशीघ्र पूर्ण कराकर चालू करने का निर्देश दिया गया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को इसका लाभ मिल सके। जिला पदाधिकारी ने जनसमाधान पोर्टल, सहयोग पोर्टल, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और भूमि स्थानांतरण से जुड़े लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का भी सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पादन केवल कागजी न होकर पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। बैठक में अपर समाहर्ता (एडीएम) लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) राकेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) प्रियंका कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


