आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी किनारे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। इससे निपटने के लिए प्रशासन चौकन्न हो गया है। हादसों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग के साथ पुलिस तैनात कर दी है। इसके अलावा मौके पर स्थानीय गोताखोरों को भी लगा दिया है। प्रशासन ने यमुना के बढ़ते जलस्तर से खतरे की आशंका जताई है, और लोगों से घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील की हैं। बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगर यमुना खतरे के निशान से उपर जाती है, तो गांव में बाढ़ आने का खतरा हो सकता है। इसके लिए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लगभग दो हजार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर चिन्हित कर दिए हैं। पिछले साल ढ़ह गई थी मंदिर की दीवार यमुना किनारे बल्केश्वर रोड पर लक्ष्मी माता का मंदिर है। पिछले साल आरती के समय मंदिर की दीवार यमुना में आई बाढ़ में ढ़ह गई थी। इस दौरान कुछ लोग पानी में गिर गए थे। लेकिन समय रहते हुए गोताखोरों ने लोगों को बचा लिया था। इस बार प्रशासन की ओर से जर्जर मंदिर और घरों को चिन्हित किया जा रहा हैं। स्थानीय निवासी सत्यम ने कहा- पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश से यमुना में पानी बढ़ रहा है। अभी और बढ़ने की सभावना हैं। बाढ़ जैसे हालात पैदा हो, इससे पहले प्रशासन और नगर निगम अपनी तैयारी कर लेनी चाहिए। यमुना पर कोई हादसा न हो, इसके लिए गोताखोरों को लगाना चाहिए। इसके अलावा यहां न आने के लिए चेतावनी बोर्ड लगा देना चाहिए।

