सिवनी जिले में लगातार बारिश के कारण संजय सरोवर जलाशय (भीमगढ़ बांध) का जलस्तर बढ़ गया है। जल प्रबंधन के तहत मंगलवार,11 अगस्त सुबह 9:30 बजे बांध के दो गेट खोल दिए गए। इन गेटों से वैनगंगा नदी में लगभग 10 हजार घनफीट प्रति सेकंड (283 क्यूमेक्स) की दर से पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद वैनगंगा नदी और उससे जुड़े जल प्रवाह क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए नदी के निचले इलाकों, तटों और जल प्रवाह वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने तथा जलस्तर अचानक बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। भीमगढ़ बांध से पानी छोड़े जाने का असर केवल सिवनी जिले तक सीमित नहीं है।वैनगंगा नदी के प्रवाह के कारण बालाघाट जिले के नदी किनारे वाले क्षेत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र के गोंदिया और भंडारा जिलों में भी जलस्तर प्रभावित होने की संभावना है। पूर्व में भी बांध के गेट खोले जाने पर इन जिलों को सतर्क किया जाता रहा है। संजय सरोवर, जिसे भीमगढ़ बांध भी कहा जाता है,वैनगंगा नदी पर निर्मित है। इसे एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बांधों में से एक माना जाता है।इस बांध की कुल लंबाई लगभग 3.87 किलोमीटर है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 1972 में शुरू हुआ था और 1987-88 में पूरा हुआ। बांध की मुख्य मिट्टी संरचना लगभग 42 मीटर ऊंची है और इसमें जल निकासी के लिए कुल 10 गेट हैं।बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने के कारण वैनगंगा सहित स्थानीय नदी-नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को नदी किनारों से दूर रहने की सलाह दी गई है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे नदी में न उतरें, पुल-पुलियाओं या तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का प्रयास न करें और बच्चों को भी नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।किसानों और नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है।

