मानसून की दस्तक के बावजूद रामपुर में धान की फसल को पर्याप्त बारिश नहीं मिल पा रही है। खेतों में पानी की कमी के चलते कई जगह मिट्टी में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार शाम करीब पांच बजे जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर दूर बमनपुरी गांव में खेतों का जायजा लेने पहुंची टीम को किसानों ने बताया कि इस बार बारिश कम होने की आशंका के चलते उन्होंने धान की फसल का रकबा पहले ही घटा दिया था। किसानों के मुताबिक बारिश रुक-रुककर और टुकड़ों में हो रही है, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है। कई ऐसे खेत भी हैं, जहां बोरिंग होने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। वहीं, महंगे डीजल के कारण किसान इंजन चलाकर लगातार सिंचाई करने की स्थिति में नहीं हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए इस समय पर्याप्त पानी बेहद जरूरी है और यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जिले में बेहतर बारिश हुई है और मानसून सक्रिय है। उन्होंने आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताते हुए कहा कि पर्याप्त बारिश होने पर धान की फसल को राहत मिलेगी। फिलहाल किसान मानसून के जोर पकड़ने और खेतों को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


