सावन माह की दूसरी सोमवारी को जिलेभर के शिवालयों में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। शहर के पूर्वपाली स्थित ऐतिहासिक बाबा भूतनाथ गौशाला शिव मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सावन की दूसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में कांवड़िये और श्रद्धालु सदर प्रखंड के बेलवा स्थित महानंद नदी तथा ओदरा घाट स्थित डोंक नदी से पवित्र जल भरकर बाबा भूतनाथ मंदिर पहुंचे। इन श्रद्धालुओं ने लगभग 15 किलोमीटर की पदयात्रा की। कंधों पर कांवड़ और हाथों में पूजा सामग्री लिए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शिवभक्ति में लीन दिखे। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया मंदिर पहुंचकर भक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा भूतनाथ के दरबार में सच्चे मन से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के कारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह से देर शाम तक दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की गई। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई, जबकि सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। कुछ मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा जांच की गई और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मंदिर परिसर तथा प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई। कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित रखने के लिए कुछ मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव और रूट डायवर्जन भी लागू किया गया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन स्थिति पर नजर बनाए रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में पेयजल, शरबत, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था की गई। बजरंग दल, वीर शिवाजी सेना समेत विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवक पूरे दिन कांवड़ियों की सेवा में जुटे रहे। कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित वहीं बेलवा स्थित महानंद नदी घाट पर स्नान और जल भरने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी ताकि कोई भी गहरे पानी में न जा सके। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात रही, जबकि मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार घाटों का निरीक्षण करते रहे। दूसरी ओर ठाकुरगंज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी दूसरी सोमवारी को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। मंदिर प्रबंधन समितियों ने सुरक्षा, साफ-सफाई और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की। सुख, शांति और समृद्धि की कामना प्रमुख शिव मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों, पत्तियों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में नजर आया। सोमवारी पर अहले सुबह से ही मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, दूध, अक्षत और पुष्प अर्पित किए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर विशेष पूजा-अर्चना की और भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। सावन माह की दूसरी सोमवारी को जिलेभर के शिवालयों में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। शहर के पूर्वपाली स्थित ऐतिहासिक बाबा भूतनाथ गौशाला शिव मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सावन की दूसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में कांवड़िये और श्रद्धालु सदर प्रखंड के बेलवा स्थित महानंद नदी तथा ओदरा घाट स्थित डोंक नदी से पवित्र जल भरकर बाबा भूतनाथ मंदिर पहुंचे। इन श्रद्धालुओं ने लगभग 15 किलोमीटर की पदयात्रा की। कंधों पर कांवड़ और हाथों में पूजा सामग्री लिए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शिवभक्ति में लीन दिखे। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया मंदिर पहुंचकर भक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा भूतनाथ के दरबार में सच्चे मन से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के कारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह से देर शाम तक दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की गई। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई, जबकि सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। कुछ मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा जांच की गई और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मंदिर परिसर तथा प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई। कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित रखने के लिए कुछ मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव और रूट डायवर्जन भी लागू किया गया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन स्थिति पर नजर बनाए रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में पेयजल, शरबत, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था की गई। बजरंग दल, वीर शिवाजी सेना समेत विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवक पूरे दिन कांवड़ियों की सेवा में जुटे रहे। कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित वहीं बेलवा स्थित महानंद नदी घाट पर स्नान और जल भरने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी ताकि कोई भी गहरे पानी में न जा सके। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात रही, जबकि मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार घाटों का निरीक्षण करते रहे। दूसरी ओर ठाकुरगंज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी दूसरी सोमवारी को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। मंदिर प्रबंधन समितियों ने सुरक्षा, साफ-सफाई और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की। सुख, शांति और समृद्धि की कामना प्रमुख शिव मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों, पत्तियों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में नजर आया। सोमवारी पर अहले सुबह से ही मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, दूध, अक्षत और पुष्प अर्पित किए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर विशेष पूजा-अर्चना की और भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

