डूंगरपुर में नाव मनोरथ, भगवान की जल परिक्रमा:कामिका एकादशी पर 1051 दीपकों से हुई महाआरती, जयकारों के बीच झूमे भक्त

डूंगरपुर में नाव मनोरथ, भगवान की जल परिक्रमा:कामिका एकादशी पर 1051 दीपकों से हुई महाआरती, जयकारों के बीच झूमे भक्त

श्रावण मास की भक्ति में डूंगरपुर का नवा महादेव मंदिर रविवार शाम आस्था और श्रद्धा के रंग में रंग गया। कामिका एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित नाव मनोरथ में भगवान को नाव में विराजित कर जल के बीच परिक्रमा कराई गई। जैसे ही भगवान की नाव मनोरथ यात्रा शुरू हुई, मंदिर परिसर श्रीकृष्ण और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। भक्ति गीतों और जयघोष के बीच श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए। चारों ओर भक्ति का ऐसा वातावरण बना कि हर कोई भगवान की आराधना में लीन हो गया। दिनभर चला धार्मिक अनुष्ठानों का दौर
नाव मनोरथ को लेकर सुबह से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चला। नित्य पूजन के बाद शाम को भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में श्रद्धालु भजन गाते और जयकारे लगाते हुए नवा महादेव मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का विधि-विधान से पूजन किया गया और विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। इसके बाद भगवान को विशेष रूप से सजाई गई नाव मनोरथ की पालकी में विराजित किया गया। जल के बीच भगवान की परिक्रमा शुरू होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। भक्तों ने भजनों पर जमकर नृत्य किया और भगवान के जयकारे लगाए। बच्चों ने भी विभिन्न धार्मिक वेशभूषाओं में पहुंचकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। भगवान की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। 1051 दीपकों से जगमगाया मंदिर परिसर
कामिका एकादशी के अवसर पर 1051 दीपकों से महाआरती की गई। एक साथ दीपकों की रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा। घंटियों की गूंज, शंखनाद और जयकारों के बीच हुई महाआरती का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत और भावविभोर करने वाला रहा। श्रद्धालुओं ने आरती के दर्शन कर भगवान से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। नाव मनोरथ के दौरान प्रतिदिन होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन के अंत में भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ लिया। श्रावण मास में मंदिर में चल रहे धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण शिवमय और भक्तिमय बना हुआ है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *