ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक जीएसटी कंसल्टेंट को सात घंटे बंधक बनाने और 29 लाख रुपये रंगदारी वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस वर्दीधारी तीन लोगों ने उसे अगवा किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी एनकाउंटर में मारने की धमकी देकर परिवार से रकम मंगवाई। घटना के 19 दिन बाद रविवार को बिसरख थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित संदीप कुमार जीएसटी कंसल्टेंट हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 20 जुलाई की सुबह वह अपनी ग्रैंड विटारा कार से ऑफिस जा रहे थे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एस्पायर सोसायटी के पास एक एसयूवी ने उनकी कार को ओवरटेक किया। आरोप है कि एसयूवी से पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग उतरे और शिकायत की बात कहकर उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। जेवर टोल से आगे ले जाकर मांगे 50 लाख संदीप के मुताबिक आरोपी उन्हें करीब सात घंटे तक अलग-अलग जगहों पर घुमाते रहे। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल से आगे ले गए। वहां फर्जी एनकाउंटर का डर दिखाकर 50 लाख रुपये की मांग की गई। संदीप ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने उनके दिल्ली निवासी भाई से संपर्क किया। पीड़ित के भाई ने अपने साथियों के साथ ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पहुंचकर आरोपियों को 29 लाख रुपये दिए। रकम मिलने के बाद संदीप को छोड़ दिया गया। 112 पर कॉल कर दी सूचना, 6 पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की घर पहुंचने के बाद संदीप ने 112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद संबंधित थाने में शिकायत की। उनका आरोप है कि मामले में अब तक छह पुलिस अधिकारी उनसे पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। संदीप ने खुद जेवर टोल और मैकडॉनल्ड्स से सीसीटीवी फुटेज जुटाकर पुलिस को सौंपे हैं। उनका दावा है कि फुटेज में आरोपी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पुलिस बोली- दावों और जांच में कुछ विरोधाभास बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। उनके मुताबिक, पीड़ित के दावों और जांच में सामने आए तथ्यों के बीच कुछ विरोधाभास दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

