अहिवरण महिला कल्याण समिति की चार धाम यात्रा संपन्न:नवादा की महिलाओं ने भक्ति और उत्साह से की पूरी

अहिवरण महिला कल्याण समिति की चार धाम यात्रा संपन्न:नवादा की महिलाओं ने भक्ति और उत्साह से की पूरी

अहिवरण महिला कल्याण समिति, नवादा की दर्जनों महिलाओं ने शनिवार को एक दिवसीय चार धाम यात्रा पूरी की। समिति की अध्यक्ष सुनीता बरनवाल के नेतृत्व में यह यात्रा भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। यात्रा का आरंभ सुबह नवादा से हुआ। इसका पहला पड़ाव लखीसराय जिले के बड़हिया स्थित सिद्धपीठ माँ बाला त्रिपुर सुंदरी मंदिर, जिसे महारानी स्थान भी कहा जाता है, रहा। यहां महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत, समिति की महिलाएं अशोकधाम पहुंचीं, जहाँ उन्होंने पवित्र जल अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। यात्रा का अगला पड़ाव कुमार गांव स्थित प्रसिद्ध नेतुला मंदिर था, जहाँ महिलाओं ने मन्नतें मांगी और प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद, अन्नपूर्णा भोजनालय में सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से सात्विक भोजन ग्रहण किया। इस दौरान आपसी सौहार्द और एकता का वातावरण देखा गया। यात्रा का अंतिम पड़ाव लछुआर जैन मंदिर परिसर था, जहाँ सावन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत गाए और एक-दूसरे को बधाई दी। इस समारोह ने यात्रा को धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव भी प्रदान किया। इस एक दिवसीय चार धाम यात्रा का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं था, बल्कि महिलाओं को एक मंच पर लाकर आपसी प्रेम, संस्कार और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देना भी था। समिति की सभी महिलाएं शाम तक सकुशल नवादा लौट आईं। यात्रा में शामिल महिलाओं ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को घर की दिनचर्या से हटकर भक्ति और सामाजिक जुड़ाव का अवसर प्रदान करते हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी यात्रा की शांतिपूर्ण व्यवस्था की सराहना की। अहिवरण महिला कल्याण समिति, नवादा की दर्जनों महिलाओं ने शनिवार को एक दिवसीय चार धाम यात्रा पूरी की। समिति की अध्यक्ष सुनीता बरनवाल के नेतृत्व में यह यात्रा भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। यात्रा का आरंभ सुबह नवादा से हुआ। इसका पहला पड़ाव लखीसराय जिले के बड़हिया स्थित सिद्धपीठ माँ बाला त्रिपुर सुंदरी मंदिर, जिसे महारानी स्थान भी कहा जाता है, रहा। यहां महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत, समिति की महिलाएं अशोकधाम पहुंचीं, जहाँ उन्होंने पवित्र जल अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। यात्रा का अगला पड़ाव कुमार गांव स्थित प्रसिद्ध नेतुला मंदिर था, जहाँ महिलाओं ने मन्नतें मांगी और प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद, अन्नपूर्णा भोजनालय में सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से सात्विक भोजन ग्रहण किया। इस दौरान आपसी सौहार्द और एकता का वातावरण देखा गया। यात्रा का अंतिम पड़ाव लछुआर जैन मंदिर परिसर था, जहाँ सावन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत गाए और एक-दूसरे को बधाई दी। इस समारोह ने यात्रा को धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव भी प्रदान किया। इस एक दिवसीय चार धाम यात्रा का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं था, बल्कि महिलाओं को एक मंच पर लाकर आपसी प्रेम, संस्कार और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देना भी था। समिति की सभी महिलाएं शाम तक सकुशल नवादा लौट आईं। यात्रा में शामिल महिलाओं ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को घर की दिनचर्या से हटकर भक्ति और सामाजिक जुड़ाव का अवसर प्रदान करते हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी यात्रा की शांतिपूर्ण व्यवस्था की सराहना की।  

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