बांका अंडरपास महीनों से जलमग्न:डीआरएम ने किया निरीक्षण, ग्रामीण बोले-पैदल यात्रियों और बाइक सवारों को आवागमन में दिक्कत

बांका अंडरपास महीनों से जलमग्न:डीआरएम ने किया निरीक्षण, ग्रामीण बोले-पैदल यात्रियों और बाइक सवारों को आवागमन में दिक्कत

बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित पंजवारा रेलवे हॉल्ट के पास अंडरपास में महीनों से जलजमाव की समस्या शनिवार को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। पूर्व मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार भागलपुर-दुमका रेलखंड के औचक निरीक्षण के दौरान पंजवारा पहुंचे। उनके आगमन पर बड़ी संख्या में ग्रामीण रेलवे हॉल्ट पर जमा हो गए और अंडरपास की खराब स्थिति को लेकर डीआरएम का घेराव कर रेलवे प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। 2 दर्जन से ग्रामीणों ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन डीआरएम के पंजवारा रेलवे हॉल्ट पर रुकते ही ग्रामीणों ने उन्हें अंडरपास की गंभीर समस्या से अवगत कराया। राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव, कांग्रेस के सुरेश प्रसाद यादव, गौतम कुमार यादव और पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रूपेश दास सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने डीआरएम को एक हस्ताक्षरित आवेदन भी सौंपा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सुविधा के लिए बनाया अंडरपास, परेशानी का सबब ग्रामीणों ने बताया कि यह अंडरपास लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह अब बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद डीआरएम मनीष कुमार स्वयं अंडरपास पहुंचे।उन्होंने वहां जमा पानी और जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से समस्या के बारे में विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद अंडरपास में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है,जिससे महीनों से पैदल यात्रियों,बाइक सवारों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।कई लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है, जबकि कुछ लोग मजबूरीवश जलजमाव के बीच से ही गुजरते हैं। हर साल बारिश के मौसम में समस्या उत्पन्न होती ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अंडरपास में स्थायी जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या उत्पन्न होती है।उनका आरोप है कि इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों ने डीआरएम से स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने और अंडरपास को सभी मौसमों में आवागमन के लिए उपयुक्त बनाने की मांग की। अंडरपास की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद डीआरएम ने समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही इसका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। डीआरएम ने बताया कि वे भागलपुर-दुमका रेलखंड पर औचक निरीक्षण के लिए निकले हैं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर रुककर रेलवे से संबंधित समस्याओं और आम लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी ली जा रही है। पंजवारा अंडरपास की समस्या को भी उन्होंने निरीक्षण के दौरान देखा है। ग्रामीणों को समस्या के समाधान की उम्मीद

डीआरएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। अंडरपास में महीनों से जमा पानी से स्थायी निजात दिलाने के लिए रेलवे प्रशासन को जलनिकासी की ठोस व्यवस्था करनी होगी। बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित पंजवारा रेलवे हॉल्ट के पास अंडरपास में महीनों से जलजमाव की समस्या शनिवार को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। पूर्व मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार भागलपुर-दुमका रेलखंड के औचक निरीक्षण के दौरान पंजवारा पहुंचे। उनके आगमन पर बड़ी संख्या में ग्रामीण रेलवे हॉल्ट पर जमा हो गए और अंडरपास की खराब स्थिति को लेकर डीआरएम का घेराव कर रेलवे प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। 2 दर्जन से ग्रामीणों ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन डीआरएम के पंजवारा रेलवे हॉल्ट पर रुकते ही ग्रामीणों ने उन्हें अंडरपास की गंभीर समस्या से अवगत कराया। राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव, कांग्रेस के सुरेश प्रसाद यादव, गौतम कुमार यादव और पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रूपेश दास सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने डीआरएम को एक हस्ताक्षरित आवेदन भी सौंपा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सुविधा के लिए बनाया अंडरपास, परेशानी का सबब ग्रामीणों ने बताया कि यह अंडरपास लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह अब बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद डीआरएम मनीष कुमार स्वयं अंडरपास पहुंचे।उन्होंने वहां जमा पानी और जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से समस्या के बारे में विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद अंडरपास में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है,जिससे महीनों से पैदल यात्रियों,बाइक सवारों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।कई लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है, जबकि कुछ लोग मजबूरीवश जलजमाव के बीच से ही गुजरते हैं। हर साल बारिश के मौसम में समस्या उत्पन्न होती ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अंडरपास में स्थायी जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या उत्पन्न होती है।उनका आरोप है कि इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों ने डीआरएम से स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने और अंडरपास को सभी मौसमों में आवागमन के लिए उपयुक्त बनाने की मांग की। अंडरपास की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद डीआरएम ने समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही इसका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। डीआरएम ने बताया कि वे भागलपुर-दुमका रेलखंड पर औचक निरीक्षण के लिए निकले हैं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर रुककर रेलवे से संबंधित समस्याओं और आम लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी ली जा रही है। पंजवारा अंडरपास की समस्या को भी उन्होंने निरीक्षण के दौरान देखा है। ग्रामीणों को समस्या के समाधान की उम्मीद

डीआरएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। अंडरपास में महीनों से जमा पानी से स्थायी निजात दिलाने के लिए रेलवे प्रशासन को जलनिकासी की ठोस व्यवस्था करनी होगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *