जहानाबाद नगर परिषद में एनजीओ के माध्यम से कार्यरत दैनिक सफाई कर्मियों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ठाकुरबाड़ी पानी टंकी के पास धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल हुए। उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभारी विकास कुमार और जिला प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की। 624 रुपए दैनिक मजदूरी की मांग सफाई कर्मियों का आरोप है कि उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम 624 रुपए मजदूरी देने, समय पर भुगतान करने और पीएफ की राशि का उचित लाभ दिलाने की मांग की है। इसके अलावा सफाई कार्य के दौरान हेलमेट, ग्लव्स, साबुन समेत जरूरी सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। एनजीओ सुपरवाइजरों पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शनकारियों ने एनजीओ के गोपाल कुमार और सुपरवाइजरों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि नए मजदूरों को काम पर रखने के लिए कथित तौर पर प्रत्येक व्यक्ति से दो हजार रुपए तक की मांग की जाती है। पैसे नहीं देने पर पुराने कर्मियों को हटाकर नए लोगों को काम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सीधे नगर परिषद के अधीन रखने की मांग सफाई कर्मियों ने एनजीओ के बजाय सीधे नगर परिषद के अधीन काम पर रखने की मांग की। उन्होंने संबंधित सुपरवाइजरों को हटाने की भी मांग की। कर्मियों का कहना है कि वे नाली, शौचालय और गटर जैसे गंदे स्थानों की सफाई करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक और सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सीपीआई नेता ने दिया समर्थन धरना स्थल पर पहुंचे सीपीआई नेता रविंदर यादव ने सफाई कर्मियों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन से कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखा जाएगा। फिलहाल, नगर परिषद या जिला प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का पक्ष मिलने के बाद ही एनजीओ पर लगाए गए आरोपों और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जहानाबाद नगर परिषद में एनजीओ के माध्यम से कार्यरत दैनिक सफाई कर्मियों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ठाकुरबाड़ी पानी टंकी के पास धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल हुए। उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभारी विकास कुमार और जिला प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की। 624 रुपए दैनिक मजदूरी की मांग सफाई कर्मियों का आरोप है कि उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम 624 रुपए मजदूरी देने, समय पर भुगतान करने और पीएफ की राशि का उचित लाभ दिलाने की मांग की है। इसके अलावा सफाई कार्य के दौरान हेलमेट, ग्लव्स, साबुन समेत जरूरी सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। एनजीओ सुपरवाइजरों पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शनकारियों ने एनजीओ के गोपाल कुमार और सुपरवाइजरों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि नए मजदूरों को काम पर रखने के लिए कथित तौर पर प्रत्येक व्यक्ति से दो हजार रुपए तक की मांग की जाती है। पैसे नहीं देने पर पुराने कर्मियों को हटाकर नए लोगों को काम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सीधे नगर परिषद के अधीन रखने की मांग सफाई कर्मियों ने एनजीओ के बजाय सीधे नगर परिषद के अधीन काम पर रखने की मांग की। उन्होंने संबंधित सुपरवाइजरों को हटाने की भी मांग की। कर्मियों का कहना है कि वे नाली, शौचालय और गटर जैसे गंदे स्थानों की सफाई करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक और सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सीपीआई नेता ने दिया समर्थन धरना स्थल पर पहुंचे सीपीआई नेता रविंदर यादव ने सफाई कर्मियों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन से कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखा जाएगा। फिलहाल, नगर परिषद या जिला प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का पक्ष मिलने के बाद ही एनजीओ पर लगाए गए आरोपों और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


