बैतूल जिले में 31 जुलाई को हुई अच्छी बारिश के बाद मानसून की गति धीमी पड़ गई है। 31 जुलाई को बैतूल में 11.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद शहर में वर्षा लगभग थम सी गई है। शनिवार (8 अगस्त) सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में बैतूल में एक भी बूंद बारिश दर्ज नहीं हुई, जो जिले में कमजोर मानसूनी गतिविधि को दर्शाता है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा 8 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, 7 अगस्त सुबह 8 बजे से 8 अगस्त सुबह 8 बजे तक जिले में औसतन केवल 0.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में घोड़ाडोंगरी में 1.0 मिमी और मुलताई में 2.4 मिमी वर्षा हुई, जबकि बैतूल, चिचोली, शाहपुर, प्रभातपट्टन, आमला, भैंसदेही, आठनेर और भीमपुर में शून्य बारिश रिकॉर्ड की गई।
इससे पूर्व, 6 अगस्त को जिले की औसत दैनिक वर्षा शून्य रही थी। 7 अगस्त को औसतन 2.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसमें शाहपुर में 13.2 मिमी, घोड़ाडोंगरी में 7.3 मिमी, भीमपुर में 3 मिमी, आठनेर में 2.4 मिमी और आमला में 2 मिमी वर्षा शामिल थी। हालांकि, यह बारिश इतनी सीमित रही कि जिले की कुल वर्षा के आंकड़े पर इसका प्रभाव नगण्य रहा। चालू वर्षा सत्र में शनिवार तक जिले में औसत 465.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि तक हुई 525.9 मिमी वर्षा से 60 मिमी कम है। जिले की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 1083.9 मिमी है, जिसका अर्थ है कि अब तक सामान्य वार्षिक बारिश का आधे से भी कम हिस्सा प्राप्त हुआ है। जानिए किस तहसील में कितनी वर्षा
बैतूल में 351.4 मिमी, घोड़ाडोंगरी में 564.3 मिमी, चिचोली में 617.4 मिमी, शाहपुर में 415.8 मिमी, मुलताई में 486.0 मिमी, प्रभातपट्टन में 453.2 मिमी, आमला में 376.0 मिमी, भैंसदेही में 496.0 मिमी, आठनेर में 320.1 मिमी और भीमपुर में 585.2 मिमी। तुलनात्मक आंकड़ों में घोड़ाडोंगरी पिछले साल से 257.1 मिमी और शाहपुर 252.2 मिमी पीछे है। प्रभातपट्टन में 55.8 मिमी, आठनेर में 48.2 मिमी, आमला में 36 मिमी और बैतूल में 30.4 मिमी कम बारिश हुई है। वहीं चिचोली में इस साल पिछले साल से 33.8 मिमी और भैंसदेही में 84 मिमी अधिक बारिश दर्ज हुई है। मुलताई में अंतर करीब 7 मिमी और भीमपुर में 27.8 मिमी की कमी है। 31 जुलाई के बाद बारिश का कमजोर दौर
31 जुलाई को जिले में औसत 36.8 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इसके बाद 1 अगस्त को 4.6 मिमी, 2 अगस्त को 1.3 मिमी, 3 अगस्त को 0.2 मिमी, 4 अगस्त को 1.9 मिमी, 5 अगस्त को 0.7 मिमी, 6 अगस्त को शून्य, 7 अगस्त को 2.8 मिमी और 8 अगस्त को केवल 0.3 मिमी औसत बारिश हुई। यानी 31 जुलाई की अच्छी बारिश के बाद जिले में कोई बड़ा बारिश का दौर नहीं आया। बारिश के इस कमजोर दौर का असर जिले के जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। कई छोटे और मध्यम बांध अभी पूरी क्षमता से काफी दूर हैं और कुछ जलाशयों में पानी सामान्य जलस्तर तक भी नहीं पहुंच पाया है। लगातार बारिश नहीं होने से जलाशयों में आवक सीमित बनी हुई है। इससे खरीफ फसलों के साथ आने वाले रबी सीजन की सिंचाई और जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ सकती है। पांच दिन का क्या है मौसम पूर्वानुमान
बैतूल के लिए उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान में 8 से 11 अगस्त तक बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। 8 अगस्त को बारिश की संभावना अपेक्षाकृत अधिक बताई गई है, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। हालांकि उपलब्ध पूर्वानुमानों में व्यापक भारी बारिश के बजाय छिटपुट बारिश का संकेत है। दूसरी ओर मध्यप्रदेश में 8 से 10 अगस्त के बीच व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में अब सवाल यह है कि अगले कुछ दिनों में होने वाली संभावित बारिश क्या जिले के जलाशयों और वर्षा के आंकड़े को पर्याप्त राहत दे पाएगी। फिलहाल 31 जुलाई के बाद से मानसून की कमजोर गतिविधि ने किसानों और जलाशयों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।


