Anemia And Blood Cancer: एनीमिया सिर्फ आयरन की कमी नहीं, कुछ मामलों में हो सकता है ब्लड कैंसर का संकेत, Haematologica Research से समझें

Anemia And Blood Cancer: एनीमिया सिर्फ आयरन की कमी नहीं, कुछ मामलों में हो सकता है ब्लड कैंसर का संकेत, Haematologica Research से समझें

Anemia And Blood Cancer Hindi: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा चक्कर आना, जल्दी थकान होना या चेहरा पीला पड़ जाना बेहद आम बात मान ली जाती है। जब भी हम डॉक्टर के पास जाते हैं और रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन कम आता है, तो डॉक्टर कह देते हैं कि आपको एनीमिया यानी खून की कमी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बार एनीमिया का कारण सिर्फ खराब डाइट या आयरन की कमी नहीं होता? कई बार शरीर में लगातार बना रहने वाला या अचानक गिरा हुआ हीमोग्लोबिन किसी बड़ी बीमारी विशेषकर ब्लड कैंसर का पहला अंदरूनी इशारा भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि एनीमिया और ब्लड कैंसर का आपस में क्या संबंध है।

एनीमिया और ब्लड कैंसर का आपस में क्या कनेक्शन है?

यह समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि हमारे शरीर में खून बनता कैसे है। हमारी हड्डियों के अंदर एक स्पंजी हिस्सा होता है जिसे हम अस्थि मज्जा (Bone Marrow) कहते हैं। यह बोन मैरो एक तरह की फैक्ट्री है जहां हमारी सभी लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs), सफेद रक्त कोशिकाएं (WBCs) और प्लेटलेट्स बनते हैं। लाल रक्त कोशिकाओं का काम पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाना होता है और इन्हीं के अंदर हीमोग्लोबिन मौजूद होता है।

अब बात करते हैं ब्लड कैंसर की। ल्यूकेमिया, लिम्फोमा या मल्टीपल मायलोमा जैसी बीमारियों में बोन मैरो के अंदर असामान्य और कैंसरग्रस्त कोशिकाएं बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं। ये खराब कोशिकाएं इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को बनने की जगह ही नहीं मिलती। नतीजा यह होता है कि शरीर में नई लाल रक्त कोशिकाएं बनना बंद या बहुत कम हो जाती हैं और हीमोग्लोबिन तेजी से गिरने लगता है। इसी स्थिति को हम एनीमिया कहते हैं।

हेमेटोलॉजिका रिसर्च (Haematologica Research) क्या खुलासा करती है?

मेडिकल जर्नल Haematologica में छपे शोध (Anemia and survival in childhood acute lymphoblastic leukemia) में वैज्ञानिकों ने ब्लड कैंसर और एनीमिया को बहुत गहराई से समझाया है। इस रिसर्च के अनुसार, बच्चों में होने वाले एक खास तरह के ब्लड कैंसर एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ALL) के मरीजों में एनीमिया बहुत आम शुरुआती लक्षण देखा गया। शोध में पाया गया कि बीमारी के शुरुआती चरण में हीमोग्लोबिन का स्तर यह समझने में मदद करता है कि कैंसर का कौन-सा सब-टाइप (Subtype) शरीर में पनप रहा है और वह कितना आक्रामक है। शोधकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि किसी व्यक्ति या बच्चे का हीमोग्लोबिन अचानक बहुत कम हो जाए और सामान्य दवाइयों से न सुधरे, तो उसे केवल खान-पान की समस्या मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह बोन मैरो के अंदर चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी का सीधा संकेत हो सकता है।

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (ACS) इस बारे में क्या कहती है?

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की रिपोर्ट्स भी इस बात पर मुहर लगाती हैं कि कैंसर के मरीजों में एनीमिया होना एक बहुत ही सामान्य बात है। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं;

  • ब्लड कैंसर सीधे तौर पर बोन मैरो (रक्त बनाने वाली फैक्ट्री) पर हमला करता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कम हो जाता है।
  • कई बार शरीर के किसी दूसरे हिस्से का कैंसर जब हड्डियों या बोन मैरो तक फैल जाता है, तब भी नया खून बनना बंद हो जाता है।
  • पेट या आंतों के कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जिनमें अंदर ही अंदर हल्का-हल्का खून बहता रहता है। मरीज को पता भी नहीं चलता और शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर धीरे-धीरे गिरता जाता है।

किन लक्षणों को देखने पर तुरंत सावधान हो जाना चाहिए?

  • बिना वजह की भारी थकान।
  • बार-बार इंफेक्शन या बुखार होना।
  • शरीर पर नीले निशान या खून बहना।
  • गिल्टियां या सूजन।
  • वजन का तेजी से गिरना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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