बाराबंकी जिले के माती थाना क्षेत्र के आजाद नगर मीरपुर गांव में एक दलित युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना मंगलवार देर रात करीब 12 बजे हुई। मृतक की पहचान सीतापुर के चौबेपुर थाना अटरिया निवासी दुर्गेश रावत पुत्र राजेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है। मृतक दुर्गेश रावत निजी विद्युतकर्मी के तौर पर कार्य करता था। वह पिछले 18 वर्षों से माती थाना क्षेत्र में अपनी मौसी के घर रहकर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। पिता के गुजरने के बाद वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और उसकी एक अविवाहित बहन भी है। परिजनों के अनुसार, देर रात हाईटेंशन लाइन में आई खराबी की सूचना मिलने पर दुर्गेश कार्य के लिए जा रहा था। उसे मजदूरों की आवश्यकता थी, जिन्हें लेने वह अपनी मौसी के गांव मीरपुर जा रहा था। इसी दौरान आजाद नगर के पास भंडारे के बाद सड़क पर डीजे बज रहा था और कुछ लोग नृत्य कर रहे थे, जिससे रास्ता अवरुद्ध था। बताया जा रहा है कि दुर्गेश ने रास्ता देने की बात कही, जिस पर कुछ लोगों से उसकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें डंडों और ईंटों का इस्तेमाल किया गया। गंभीर रूप से घायल दुर्गेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात करीब दो बजे परिजनों को अस्पताल से सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं। घटनास्थल के पास से दर्जनों की संख्या में खाली शराब की बोतलें भी मिली हैं। माती थाना प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिल गई है और मामले की जांच की जा रही है। अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने तथा जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। और 100 हॉस्पिटल से देवा पुलिस ने पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है।


