देश की प्रमुख वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए। कंपनी ने इस दौरान मुनाफे और आय दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की हैं। हालांकि ऑपरेटिंग लाभ मार्जिन में थोड़ी गिरावट देखने को मिली हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में अशोक लेलैंड का शुद्ध लाभ करीब 14.2 प्रतिशत बढ़कर 1,291 करोड़ रुपये पहुंच गया हैं। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,130 करोड़ रुपये था।
कंपनी की कुल आय में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली हैं। चौथी तिमाही में कंपनी की समेकित आय 17.4 प्रतिशत बढ़कर 17,246 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 14,695 करोड़ रुपये थी।
बता दें कि ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अन्य खर्चों से पहले कंपनी की आय यानी ईबीआईटीडीए भी बढ़कर 3,308 करोड़ रुपये पहुंच गई हैं। हालांकि ईबीआईटीडीए मार्जिन घटकर 19.2 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 20.4 प्रतिशत था।
गौरतलब है कि कंपनी ने निवेशकों को राहत देते हुए 2.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश का ऐलान किया हैं। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए कोई अंतिम लाभांश नहीं दिया जाएगा।
कंपनी के अनुसार लाभांश पाने के पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए रिकॉर्ड तिथि 3 जून तय की गई हैं। इसके अलावा यह लाभांश आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद जारी किया जाएगा।
अगर पिछले लाभांश रिकॉर्ड की बात करें तो कंपनी ने नवंबर 2025 में 1 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दिया था। वहीं मई 2025 में 4.25 रुपये प्रति शेयर और नवंबर 2024 में 2 रुपये प्रति शेयर का लाभांश घोषित किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारी वाहनों और परिवहन क्षेत्र में मांग बढ़ने से अशोक लेलैंड के कारोबार को मजबूती मिल रही हैं। हालांकि कच्चे माल की लागत और प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन पर दबाव बना हुआ हैं।
शेयर बाजार के जानकारों के अनुसार कंपनी के मजबूत राजस्व और लगातार लाभांश देने की नीति से निवेशकों का भरोसा बना हुआ हैं। आने वाले महीनों में वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र की मांग और सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का असर कंपनी के प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता हैं।


