कानपुर में ऐसा बकरा जो मुर्गा खाता है:कश्मीरी बकरे चंद मिनट में चट करते हैं चिकन बिरयानी, रोजाना शैम्पू और सीरम से नहाते हैं

कानपुर में ऐसा बकरा जो मुर्गा खाता है:कश्मीरी बकरे चंद मिनट में चट करते हैं चिकन बिरयानी, रोजाना शैम्पू और सीरम से नहाते हैं

कानपुर में कश्मीरी बकरा, जिसे दो साल से यहां पाला गया, इस बकरीद पर उसकी कुर्बानी होगी। खास बात ये कि बकरा चिकन बिरयानी खाता है। यानी कि ऐसा बकरा जो खुद मुर्गा खाता है। आमतौर पर बकरे नॉनवेज नहीं खाते हैं, लेकिन कश्मीरी बकरे चिकन बिरयानी मिनटों में चट कर जाते हैं। खाने में कोल्ड्रिंक, बादाम और काजू के अलावा रोजाना नहाने के लिए शैम्पू, कंडिशनर और सीरम की जरूरत इन्हें पड़ती है। बकरीद पर कुर्बानी के लिए दो साल से इन कश्मीरी बकरों को पालने वाले से दैनिक भास्कर ने बातचीत की, इनकी खासियत और इनको कश्मीर से यहां लाकर पालने की वजह जानी, पढ़िए इस रिपोर्ट में… अरहम आलम ने बताया कि बकरीद ऐसा त्यौहार है जो कुर्बानी के लिए जाना जाता है। मैं वीडियो में कश्मीरी बकरे देखता रहता था, साल 2024 में कश्मीर से दो बकरे मंगाए। इनका नाम तुरगुत और बंमशी रखा, इनकी देख-रेख और खिलाई और रहन-सहन इनके हिसाब से शुरू की। कुर्बानी का मतलब ही है कि अपनी कोई प्यारी चीज कुर्बान की जाती है। जिसका हम ख्याल रखते हों, जिसे खिलाते हों, पालते हों, उसी चीज की कुर्बानी होती है जो आपके दिल के अजीज हो, जिससे हम मोहब्बत करते हों। इस साल बकरीद पर इनकी कुर्बानी हो जाएगी। एयर कंडीशन में रहते हैं बकरे रईस आलम ने बताया कि जब दोनों को कश्मीर से मंगा कर पालने के लिए लाया गया, तो सबसे बड़ा मामला था इन्हें कैसे कानपुर के मौसम के हिसाब से रखा जाए। इनके लिए अलग कमरा बनवाया गया। इसके साथ ही इनको गर्मियों में घर के एयर कंडिशनर में रखा गया। रोजाना शैंपू और सीरम लगाकर नहलाया जाता है उन्होंने बताया कि कश्मीर से जब मंगाया था तो बहुत छोटे थे, इनको समझिए बच्चे की तरह पालना पड़ा। इनको रोजाना नहलाया जाता है, क्योंकि इनके बाल इतने लंबे होते हैं, जो इनकी खूबसूरती है। इसके लिए शैम्पू, कंडिशनर और सीरम लगाया जाता है। कश्मीरी मौसम के हिसाब से इन्हें रखने के लिए भी इंतजाम किया गया। गर्मियों में तो इन्हें एयर कंडीशनर में ही रखना पड़ता है। मुर्गा खाता है बकरा, चिकन बिरयानी सबसे ज्याद पसंद इनकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये तुरगुत और बंमशी ऐसे बकरे हैं जो खुद मुर्गा खाते हैं। यानी इन्हें सबसे ज्यादा चिकन बिरयानी पसंद है, इनको रोजाना चिकन खाना होता है। इसके साथ ही इन्हें काजू और बादाम भी खिलाया जाता है। कोल्ड्रिंक इन्हें बेहद पसंद है। बाकी बकरों को जो दिया जाता है, जैसे भूसी और पत्ते भी दिए जाते हैं। इनका डाइट प्लान भी तैयार किया जाता है। इन्हें रोजाना कम से कम 250 ग्राम चिकन या चिकन बिरयानी खाना होता है।

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