डांडेवाला फील्ड में गैस खोज से राजस्थान की ऊर्जा क्षमता को मिला बड़ा बल

डांडेवाला फील्ड में गैस खोज से राजस्थान की ऊर्जा क्षमता को मिला बड़ा बल

राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र स्थित डांडेवाला फील्ड से देश के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने यहां नए गैस युक्त पे-ज़ोन की सफल खोज की है। कंपनी के अनुसार डांडेवाला फील्ड में सानू फॉर्मेशन से पहली बार प्राकृतिक गैस का प्रवाह शुरू हुआ है, जिससे क्षेत्र की हाइड्रोकार्बन संभावनाओं को नया बल मिला है।

जानकारी के अनुसार नए गैस क्षेत्र से वर्तमान में लगभग 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन प्राकृतिक गैस का उत्पादन हो रहा है। प्रारंभिक उत्पादन परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे विस्तृत परीक्षण और विकास कार्यों के बाद उत्पादन क्षमता में और वृद्धि संभव है। यह खोज राजस्थान के ऊर्जा संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार यह खोज देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता और निवेश संभावनाओं को मिलेगी नई दिशा और गति

भारत लंबे समय से तेल और गैस आयात पर निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में घरेलू स्तर पर नए गैस भंडारों की खोज और उत्पादन शुरू होना ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस उपलब्धि पर ऑयल इंडिया की टीम को बधाई देते हुए इसे ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और ऐसी खोजें इस लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करती हैं।

क्षेत्र में प्रतिदिन 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन

डांडेवाला फील्ड की इस सफलता से राजस्थान में नए गैस भंडारों की खोज की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस खोज से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी और देश की ऊर्जा जरूरतों को घरेलू उत्पादन से पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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