10वीं पास साइबर ठग दोस्त के साथ गिरफ्तार:अलग-अलग राज्यों से 55 से अधिक शिकायतें, हाजीपुर से गर्लफ्रेंड के इशारे पर करते थे ठगी

10वीं पास साइबर ठग दोस्त के साथ गिरफ्तार:अलग-अलग राज्यों से 55 से अधिक शिकायतें, हाजीपुर से गर्लफ्रेंड के इशारे पर करते थे ठगी

पटना में दो साइबर ठग अपराधी पकड़े गए हैं। एक नालंदा के नूरसराय का रहने वाला संजय कुमार और दूसरा अभिषेक कुमार नवादा का रहने वाला है। संजय मास्टरमाइंड है जो 10वीं पास है। संजय अपने सहयोगी अभिषेक के साथ मिलकर लोगों को ठगता था। अभिषेक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी करता है। दोनों लोन दिलाने के नाम पर बैंककर्मियों की मिलीभगत से लोगों का अकाउंट खुलवाते थे और फिर उसी अकाउंट में ठगी के रुपए मंगवाते थे। दोनों पर अलग-अलग राज्यों से 55 से अधिक शिकायतें हैं। पटना के आदित्य का भी इन्होंने अकाउंट खुलवाया था। जिसमें 66 लाख रुपए ठगी के आए थे। आदित्य के शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने संजय और अभिषेक की गिरफ्तारी रामकृष्ण नगर इलाके के जकरियापुर से की गई। पुलिस के अनुसार संजय जो भी करता था वो अपनी गर्लफ्रेंड के इशारे पर किया करता था। फाइनेंस का जिम्मा पूरी तरह से गर्लफ्रेंड ही संभालती थी। ठगी के रुपए कैसे और किस तरीके से खपाने हैं, गर्लफ्रेंड हाजीपुर से देखती थी। जानकारी साइबर SDPO नीतीश चंद्र धारिया ने दी है। पीड़ित ने साइबर पुलिस से शिकायत की थी पुलिस के अनुसार दोनों ने पटना में पिछले 5 महीने से विजय भूषण के मकान दो फ्लैट रेंट पर लिए थे। यहीं, दोनों रहते थे। दोनों के खिलाफ पीड़ित आदित्य कुमार शर्मा ने साइबर पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि लोन दिलाने के नाम पर संजय और अभिषेक ने उनका अकाउंट खुलवाया था। जिसमें 3 किश्तों में 66 लाख रुपए आए हैं। मेरे अकाउंट का गलत इस्तेमाल नहीं हो इसके लिए साइबर पुलिस में शिकायत की है। शिकायत के बाद टीम बनी और दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।
मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद मास्टरमाइंड संजय ने पुलिस को बताया है कि मैं जो भी करता था वो अपनी गर्लफ्रेंड के नक्शे कदम पर करता था। साइबर पुलिस ने दोनों ठगों के पास से 11 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड और दो चेक बुक भी बरामद किए हैं। अफेयर के बाद ठगी की शुरुआत पुलिस ने बताया कि संजय का हाजीपुर के लड़की के साथ करीब डेढ़ साल से अफेयर चल रहा था। इसी के बाद से संजय ने ठगी की शुरुआत की। संजय पहले अकेला था। इसके बाद उसने अपने दोस्त अभिषेक से संपर्क किया। उसे बहुत सारे रुपए कमान का लालच दिया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर ठगी की शुरुआत की। इन दोनों को कैसे क्या करना है, सारी प्लानिंग गर्लफ्रेंड ही करती थी। प्लान के अनुसार दोनों लोगों को शिकार बनाते थे। पटना में दो साइबर ठग अपराधी पकड़े गए हैं। एक नालंदा के नूरसराय का रहने वाला संजय कुमार और दूसरा अभिषेक कुमार नवादा का रहने वाला है। संजय मास्टरमाइंड है जो 10वीं पास है। संजय अपने सहयोगी अभिषेक के साथ मिलकर लोगों को ठगता था। अभिषेक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी करता है। दोनों लोन दिलाने के नाम पर बैंककर्मियों की मिलीभगत से लोगों का अकाउंट खुलवाते थे और फिर उसी अकाउंट में ठगी के रुपए मंगवाते थे। दोनों पर अलग-अलग राज्यों से 55 से अधिक शिकायतें हैं। पटना के आदित्य का भी इन्होंने अकाउंट खुलवाया था। जिसमें 66 लाख रुपए ठगी के आए थे। आदित्य के शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने संजय और अभिषेक की गिरफ्तारी रामकृष्ण नगर इलाके के जकरियापुर से की गई। पुलिस के अनुसार संजय जो भी करता था वो अपनी गर्लफ्रेंड के इशारे पर किया करता था। फाइनेंस का जिम्मा पूरी तरह से गर्लफ्रेंड ही संभालती थी। ठगी के रुपए कैसे और किस तरीके से खपाने हैं, गर्लफ्रेंड हाजीपुर से देखती थी। जानकारी साइबर SDPO नीतीश चंद्र धारिया ने दी है। पीड़ित ने साइबर पुलिस से शिकायत की थी पुलिस के अनुसार दोनों ने पटना में पिछले 5 महीने से विजय भूषण के मकान दो फ्लैट रेंट पर लिए थे। यहीं, दोनों रहते थे। दोनों के खिलाफ पीड़ित आदित्य कुमार शर्मा ने साइबर पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि लोन दिलाने के नाम पर संजय और अभिषेक ने उनका अकाउंट खुलवाया था। जिसमें 3 किश्तों में 66 लाख रुपए आए हैं। मेरे अकाउंट का गलत इस्तेमाल नहीं हो इसके लिए साइबर पुलिस में शिकायत की है। शिकायत के बाद टीम बनी और दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।
मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद मास्टरमाइंड संजय ने पुलिस को बताया है कि मैं जो भी करता था वो अपनी गर्लफ्रेंड के नक्शे कदम पर करता था। साइबर पुलिस ने दोनों ठगों के पास से 11 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड और दो चेक बुक भी बरामद किए हैं। अफेयर के बाद ठगी की शुरुआत पुलिस ने बताया कि संजय का हाजीपुर के लड़की के साथ करीब डेढ़ साल से अफेयर चल रहा था। इसी के बाद से संजय ने ठगी की शुरुआत की। संजय पहले अकेला था। इसके बाद उसने अपने दोस्त अभिषेक से संपर्क किया। उसे बहुत सारे रुपए कमान का लालच दिया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर ठगी की शुरुआत की। इन दोनों को कैसे क्या करना है, सारी प्लानिंग गर्लफ्रेंड ही करती थी। प्लान के अनुसार दोनों लोगों को शिकार बनाते थे।  

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