Train ticket booking: भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने रिजर्वेशन में होने वाली फर्जीवाड़ा और दलालों के खेल पर रोक लगाने के लिए बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अब ट्रेन टिकट बुक करवाते समय यात्रियों को अपना पूरा नाम और सरनेम लिखना अनिवार्य होगा। सिर्फ नाम का पहला अक्षर लिखकर रिजर्वेशन नहीं हो सकेगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद सिस्टम में भी बदलाव कर दिया गया है। (MP News)
अब तक कई मामलों में टिकट पर सिर्फ ‘एम’ या ‘आर’ जैसे शुरुआती अक्षर दर्ज कर दिए जाते थे। रिजर्वेशन चार्ट में भी केवल यही अक्षर दिखाई देता था। इसका फायदा उठाकर दलाल एक ही टिकट पर अलग-अलग नाम के यात्रियों को भेज देते थे। उदाहरण के लिए टिकट पर ‘एम’ लिखा हो तो मदन, मोहन या मुकेश, कोई भी यात्री उस टिकट पर दावा कर देता था। लंबे समय से इस तरह की शिकायतें रेलवे तक पहुंच रही थीं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दलाल इसी तकनीकी खामी का फायदा उठाकर फर्जी रिजर्वेशन और टिकटों की खरीद-फरोख्त कर रहे थे। खासकर तत्काल टिकटों में यह खेल ज्यादा चलता था। कई बार असली यात्री की पहचान करना भी मुश्किल हो जाता था।
सिस्टम एंट्री नहीं लेगा
अब नई व्यवस्था में टिकट बुकिंग के दौरान यात्री का पूरा नाम, सरनेम और पहचान संबंधी जानकारी भरना जरूरी रहेगा। यदि फॉर्म में सिर्फ शुरुआती अक्षर लिखा गया तो सिस्टम एंट्री स्वीकार नहीं करेगा। रेलवे ने इसे यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि बोर्ड के निर्देश मिलते ही रिजर्वेशन सिस्टम में जरूरी बदलाव लागू कर दिए गए हैं। आने वाले दिर्ना में टिकट जांच के दौरान भी पहचान संबंधी नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
भोपाल में होंगे दो रेलवे जंक्शन
बता दें कि, भारतीय रेलवे ने बीते दिन भोपाल को बड़ी सौगात दी थी। रेलवे ने फैसला लिया था कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब दो रेलवे जंक्शन होंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन के बाद संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन को रेल मंत्रालय ने अमृत भारत परियोजना के तहत जंक्शन का दर्जा दिया है। संत नगर रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।
भोपाल रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में 150 से ज्यादा यात्री गाड़ियों का ट्रैफिक लोड बना हुआ है। इसके अलावा 80 से ज्यादा मालगाड़ी प्रतिदिन इस स्टेशन से होकर गुजरती है। इतनी ज्यादा संख्या होने के चलते कई यात्री ट्रेनों को कई बार आउटर पर इंतजार करना पड़ता है। संत नगर रेलवे स्टेशन पर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का काम अगले 12 महीने के अंदर यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद संत नगर रेलवे स्टेशन् भोपाल एवं रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तर्ज पर नजर आएगा। (MP News)


