अररिया में ग्रामीणों ने स्कूल पर लगाया ताला:नई शिक्षिका के काम करने के तरीके से नाराजगी, पुरानी की वापसी की मांग

अररिया में ग्रामीणों ने स्कूल पर लगाया ताला:नई शिक्षिका के काम करने के तरीके से नाराजगी, पुरानी की वापसी की मांग

अररिया जिले के गोढ़ी टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को ग्रामीणों ने ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने नई नियुक्त शिक्षिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुरानी शिक्षिका की वापसी की मांग की है। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई, बच्चों की सुरक्षा और मध्याह्न भोजन व्यवस्था में खामियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नई शिक्षिका समय पर स्कूल नहीं आती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले कार्यरत शिक्षिका नियमित रूप से समय पर आती थीं, बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती थीं और अनुपस्थित बच्चों को घर-घर जाकर स्कूल लाने का प्रयास भी करती थीं। उनकी वजह से स्कूल में बच्चों की उपस्थिति अच्छी रहती थी। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा की भी चिंता एक स्थानीय महिला ने बताया, “नई मैडम समय पर नहीं आती हैं। बच्चे स्कूल परिसर में बिना निगरानी के घूमते रहते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा की भी चिंता सताती है।” ग्रामीणों ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बच्चों को अंडा समय पर नहीं दिया जाता और भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महिलाओं ने एक स्वर में पुरानी शिक्षिका को वापस बुलाने की मांग की। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में तुरंत हस्तक्षेप की अपील ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, स्कूल पर ताला लगा रहेगा। स्थानीय शिक्षा अधिकारी ने शिकायत मिलने पर जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षा विभाग समय रहते इस ओर ध्यान नहीं देगा, तो ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। अररिया जिले के गोढ़ी टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को ग्रामीणों ने ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने नई नियुक्त शिक्षिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुरानी शिक्षिका की वापसी की मांग की है। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई, बच्चों की सुरक्षा और मध्याह्न भोजन व्यवस्था में खामियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नई शिक्षिका समय पर स्कूल नहीं आती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले कार्यरत शिक्षिका नियमित रूप से समय पर आती थीं, बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती थीं और अनुपस्थित बच्चों को घर-घर जाकर स्कूल लाने का प्रयास भी करती थीं। उनकी वजह से स्कूल में बच्चों की उपस्थिति अच्छी रहती थी। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा की भी चिंता एक स्थानीय महिला ने बताया, “नई मैडम समय पर नहीं आती हैं। बच्चे स्कूल परिसर में बिना निगरानी के घूमते रहते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा की भी चिंता सताती है।” ग्रामीणों ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बच्चों को अंडा समय पर नहीं दिया जाता और भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महिलाओं ने एक स्वर में पुरानी शिक्षिका को वापस बुलाने की मांग की। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में तुरंत हस्तक्षेप की अपील ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, स्कूल पर ताला लगा रहेगा। स्थानीय शिक्षा अधिकारी ने शिकायत मिलने पर जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षा विभाग समय रहते इस ओर ध्यान नहीं देगा, तो ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *