जालंधर में BSF हेडक्वार्टर के पास 5 मई की रात हुए IED धमाके की जांच के दौरान सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी उमरदीन ने वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद फोन कॉल किए थे। इनमें से 2 कॉल विदेश के नंबरों पर किए गए, जबकि 1 कॉल जीरकपुर में मौजूद एक व्यक्ति को की गई थी। पुलिस अब इन कॉलों के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, जीरकपुर में जिस व्यक्ति को कॉल की गई थी, उसका काम वारदात के बाद उमरदीन को छुपाना और उसके रहने का इंतजाम करना था। हालांकि वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में जीरकपुर से तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि धमाके की साजिश में और कौन-कौन शामिल था।
जांच टीमें यह भी पता लगा रही हैं कि उमरदीन और उसके साथी अनिल शर्मा को आईईडी (IED) मुहैया कराने वाला व्यक्ति कौन था। शुरुआती जांच में इस मामले के किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस विदेशी नंबरों की डिटेल्स भी खंगाल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपियों के संपर्क किन लोगों के साथ थे। यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि 5 मई 2026 की रात जालंधर के बीएसएफ चौक के पास बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्य कार्यालय के सामने आईईडी (IED) धमाका हुआ था। धमाके के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। हालांकि इस घटना में कोई बड़ा जानी या माली (जान-माल का) नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने उमरदीन और अनिल शर्मा को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि दोनों ने साजिश के तहत आईईडी लगाया था। पुलिस अब उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।


